जनकल्याण शिविर में पसरा सन्नाटा ! अधिकारी गायब, समस्याएं लेकर भटकते रहे हितग्राही
जनकल्याण शिविर में दूसरे दिन पसरा सन्नाटा, अधिकारी व जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति से हितग्राही परेशान केवल महिला बाल विकास की अधिकारी ही रही पूरे समय उपस्थित

जन कल्याण शिविर में पहुंचे लोगों ने कहा दिखावा बना जन कल्याण शिविर अधिकारी ही उड़े रहे शिविर की धज्जियां
रिपोर्ट – विशाल रजक
तेंदूखेड़ा। प्रदेश सरकार द्वारा 12 से 18 जून 2026 तक संचालित किए जा रहे जनकल्याण शिविर अभियान के अंतर्गत नगर तेंदूखेड़ा में 12, 13 एवं 15 जून को जनपद पंचायत सभागार में तीन दिवसीय जनकल्याण शिविर आयोजित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करना तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है।

शिविर का शुभारंभ 12 जून को मध्य प्रदेश शासन के पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जबेरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी द्वारा किया गया था। उद्घाटन अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मंत्री श्री लोधी ने अपने संबोधन में कहा था कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और कोई भी हितग्राही वंचित न रहे। इसके लिए उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए थे। इसके विपरीत शिविर के दूसरे दिन शनिवार को स्थिति पूरी तरह भिन्न दिखाई दी। जनसमस्या निवारण शिविर में अधिकांश विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि अनुपस्थित रहे। शिविर स्थल पर केवल महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी पूजा मरावी उपस्थित थीं। सुबह लगभग 11 बजे कुछ विभागीय कर्मचारी पहुंचे, इसके बाद शुरुआत में लगभग 12:00 सीबीएमओ अशोक बरोनिया अपने स्टाफ के साथ पहुंचे जो लगभग 1:00 बजे वापस आ गए इसके अलावा पूरे समय कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं रहा इस दौरान आसपास के ग्रामों से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे कई नागरिकों ने निराशा व्यक्त की। हितग्राहियों का कहना था कि जब संबंधित अधिकारी ही उपस्थित नहीं हैं तो उनकी समस्याओं का समाधान कैसे होगा। लोगों ने सवाल उठाते हुए कहा कि जनसमस्या निवारण शिविर का उद्देश्य तभी सार्थक होगा जब जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर समस्याओं का निराकरण करें। सूत्रों के अनुसार, कई अधिकारी मंत्री श्री लोधी की नोहटा में आयोजित जनसुनवाई में शामिल होने गए थे। कुछ कर्मचारियों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि अधिकांश अधिकारी वहीं व्यस्त थे। ऐसे में लोगों के बीच यह चर्चा रही कि जब मंत्री की जनसुनवाई का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था, तब उसी दिन जनकल्याण शिविर आयोजित करने का औचित्य क्या था। उल्लेखनीय है कि उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री लोधी ने राजस्व विभाग के लंबित मामलों पर भी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने एसडीएम तेंदूखेड़ा को निर्देश दिए थे कि क्षेत्र में दर्ज राजस्व प्रकरणों, उनके निराकरण तथा लंबित मामलों की विस्तृत जानकारी तीन दिवस के भीतर उनके कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। शासन की मंशा आमजन को उनकी समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है, किंतु शिविर के दूसरे दिन अधिकारियों की अनुपस्थिति ने अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि आगामी दिवसों में प्रशासन शिविर को कितना सक्रिय एवं जनहितकारी बना पाता है तथा आम नागरिकों की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरता है
इनका कहना
महिला बाल विकास की सीडीपीओ पूजा मरावी का कहना है कि मैं शिविर में पूरे समय तक उपस्थित रही हूं सीबीएमओ सर आए थे
इनका कहना
इस संबंध में तहसीलदार विवेक व्यास ने बताया कि मैंने नायब तहसीलदार को जन समस्या निवारण में भेजा था वह क्यों नहीं शिविर में पहुंचे मैं पता करता हूं
इनका कहना
इस संबंध में एसडीएम सीजी गोस्वामी का कहना है कि हमारे अधिकारी जन समस्या निवारण शिविर में दूसरे दिन शनिवार को भी सीईओ ,बीईओ शिविर में उपस्थित थे मैंने अपनी अनुपस्थिति में तहसीलदार से शिविर में पहुंचने के लिए बोला था मेरे पास उनके शिविर मै बैठने के फोटोग्राफ है शिविर के अलावा और भी कुछ काम अधिकारियों के होते हैं शुक्रवार को ही जन समस्या निवारण शिविर में 14 सौ आवेदन आए थे और नगर परिषद से संबंधित अलग है अब लोगों की समस्याएं ही नहीं बची होगी तो कौन आएंगे शिविर में अभी तो सोमवार को भी शिविर लगना है मैं तो जनसुनवाई में नोहटा गया था








