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9 साल से अधूरी पुलिया, रोड पर घुटनों तक पानी, जेसीबी से बनाया रास्ता, जहां निर्माण होना वह निजी भूमि

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9 साल से अधूरी पुलिया, रोड पर घुटनों तक पानी, जेसीबी से बनाया रास्ता, जहां निर्माण होना वह निजी भूमि
सागर/बीना। खिमलासा-कंजिया मार्ग पर भानगढ़ में एक पुलिया पिछले नौ साल से अधूरी पड़ी है। यह पुलिया अब ग्रामीणों के लिये बड़ी समस्या बन गई है। पुलिया का काम पूरा नहीं होने और पानी निकलने की पक्की व्यवस्था न होने से बारिश होते ही सड़क पर पानी भर जाता है। गुरुवार को भी पुलिया के ऊपर से पानी तेज बहाव के साथ बहने लगा, जिससे रास्ते पर गाड़ियों की आवाजाही रुक गई। सूचना मिलने पर पीडब्ल्यूडी विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने जेसीबी की मदद से पानी निकलवाया, जिसके बाद रास्ता खुल सका। ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़क पर जमा पानी को निकालने के लिये जेसीबी से रास्ता बनाया जाता है, तो पानी दूसरी तरफ बहने लगता है। इससे वहां बने घरों में पानी घुसने की नौबत आ जाती है। गुरुवार को भी विभाग ने पानी निकालने के लिये जेसीबी चलाई, जिससे आसपास के लोगों की परेशानी और बढ़ गई। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि हर बारिश में अस्थायी तौर पर पानी निकालने के बजाये पानी की निकासी की पक्की व्यवस्था की जाये। इससे सड़क पर पानी जमा नहीं होगा और आसपास के घरों को भी नुकसान नहीं पहुंचेगा। खिमलासा-कंजिया मार्ग क्षेत्र के लिये महत्वपूर्ण मार्ग है। इस सड़क से रिफाइनरी और जेपी पावर प्लांट की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी बड़ी संख्या में होती है। ऐसे में बारिश के दौरान पुलिया पर पानी भरने से सामान्य ग्रामीणों के साथ-साथ भारी वाहनों के आवागमन पर भी असर पड़ता है। बताया जा रहा है कि खिमलासा-कंजिया मार्ग का निर्माण एमपीआरडीसी द्वारा कराया गया था। पुलिया निर्माण के दौरान जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं किये जाने के कारण समस्या लगातार बनी हुई है। करीब नौ साल से अधूरी पड़ी पुलिया को लेकर ग्रामीण कई बार विभाग और प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर चुके हैं, लेकिन मामला अभी तक स्थायी समाधान तक नहीं पहुंच पाया है। पुलिया निर्माण और पानी निकलने की व्यवस्था को लेकर निजी भूमि का मामला भी सामने आया है। भूमि मालिक मुन्ना पटेल की ओर से इस संबंध में न्यायालय की शरण ली गई है। उनकी बेटी दुर्गा पटेल का कहना है कि जिस स्थान पर पुलिया का निर्माण किया जा रहा है, वहां उनकी निजी भूमि दोनों ओर है। उनका दावा है कि पुलिया का निर्माण इसी स्थान पर नहीं होना चाहिये था। दुर्गा पटेल के अनुसार करीब 800 मीटर दूर पहले से ही एक बड़ी पुलिया बनी हुई है, जहां से पानी की निकासी की जा सकती है। इसके बावजूद विभाग द्वारा निजी भूमि की ओर से पानी निकालने का प्रयास किया जाता है। उनका कहना है कि इसी विवाद के चलते मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा और करीब नौ साल बाद भी इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। खुरई पीडब्ल्यूडी विभाग एसएडीओ शुभम मिश्रा ने बताया कि यह सड़क पहले एमपीआरडीसी द्वारा बनवाई गई थी, जिसे अब पीडब्ल्यूडी को सौंप दिया गया है। गुरुवार को मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और जेसीबी की मदद से पानी की निकलने व्यवस्था कराई गई, जिसके बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। पुलिया निजी भूमि से संबंधित है और भूमि मालिक द्वारा हाईकोर्ट से स्टे लिया गया है। इसी वजह से पुलिया का निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा है। विभाग की ओर से आगे समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जायेगा।

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।