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बीना स्टेशन पर फर्जी वेंडरों की धरपकड़, 40 पेटी नकली पानी की बोतलें जब्त

बीना स्टेशन पर फर्जी वेंडरों ...

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बीना स्टेशन पर फर्जी वेंडरों की धरपकड़, 40 पेटी नकली पानी की बोतलें जब्त

बीना। बीना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर जीआरपी ने सख्ती बढ़ा दी है। शुक्रवार और शनिवार को चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने 14 संदिग्ध वेंडरों को पकड़ा। इनमें से चार वेंडर दूसरे शहरों से आकर ट्रेनों में अवैध तरीके से खाने-पीने का सामान बेच रहे थे। मिली जानकारी के मुताबिक कुछ लोग वेंडर की यूनिफॉर्म पहनकर प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में चोरी जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे थे। जांच के दौरान जब इनसे रेलवे का अधिकृत पहचान पत्र मांगा गया तो ये दिखा नहीं पाए। ऐसे में सभी को आगे की कार्रवाई के लिए आरपीएफ के हवाले कर दिया गया।

सिर्फ इतना ही नहीं तलाशी में यह भी सामने आया कि कुछ वेंडर यात्रियों को लोकल कंपनियों की बिना मंजूरी वाली पानी की बोतलें बेच रहे थे। कार्रवाई में जीआरपी ने दो दिन में करीब 40 पेटी ऐसी नकली पानी की बोतलें जब्त की हैं। पिछले हफ्ते तक यह आंकड़ा 75 पेटी तक पहुंच गया था।

जीआरपी टीआई बीबीएस परिहार ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सही सेवा मिल सके। उन्होंने कहा कि फर्जी वेंडर अक्सर चोरी जैसे अपराधों में शामिल पाए जाते हैं।  इसलिए इन पर नजर रखना बेहद जरूरी है।

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संपादक

हमारे बारे में योगेश दत्त तिवारी पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और मीडिया की दुनिया में एक विश्वसनीय और सशक्त आवाज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अपने समर्पण, निष्पक्षता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के चलते उन्होंने पत्रकारिता में एक मजबूत स्थान बनाया है। पिछले 15 वर्षों से वे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'देशबंधु' में संपादक के रूप में कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है और पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। उनकी लेखनी न सिर्फ तथ्यपरक होती है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करती है। योगेश दत्त तिवारी का उद्देश्य सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने हमेशा युवाओं को जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए प्रेरित किया है और पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना है। उनकी संपादकीय दृष्टि, विश्लेषणात्मक क्षमता और निर्भीक पत्रकारिता समाज के लिए प्रेरणास्रोत रही है।