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सागर : बीड़ी श्रमिक ने घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या, तीन बच्चों के सिर से उठा साया परिजनों ने बताया,मानसिक तनाव से जूझ रहा था मृतक

सागर/शाहगढ़। अंबेडकर वार्ड में रहने ...

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सागर/शाहगढ़। अंबेडकर वार्ड में रहने वाले 44 वर्षीय बीड़ी श्रमिक जगन्नाथ अहिरवार ने शनिवार देर रात अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। रविवार सुबह सूचना पुलिस तक पहुंची, जिसके बाद मौके पर पहुँची टीम ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

पुलिस ने किया पंचनामा, शव सौंपा परिजनों को

घर के भीतर बने एक कमरे से जगन्नाथ का शव फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा तैयार किया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने रविवार को ही शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया। मामले में मर्ग कायम कर विस्तृत जांच जारी है।

परिवार का बयान : बीड़ी बनाकर चलता था घर, मानसिक तनाव था

अंतिम संस्कार के बाद मृतक के परिजनों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि जगन्नाथ बीड़ी बनाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। तीन बच्चों की जिम्मेदारी और लगातार आर्थिक दबाव के कारण वह मानसिक तनाव में भी रहता था।

परिजनों के अनुसार, शनिवार रात करीब 10 बजे उन्होंने भोजन किया और कमरे में सोने चले गए। उसी दौरान वह दूसरे कमरे में गए और वहीं फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार को इसकी जानकारी देर रात लगी, जब उन्होंने कमरे का दरवाजा खुला नहीं पाया।

आत्महत्या का वास्तविक कारण जांच के बाद स्पष्ट होगा

पुलिस का कहना है कि अभी आत्महत्या की वजह के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगामी जांच से ही पता चल सकेगा कि जगन्नाथ ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।

पुलिस के अनुसार, मृतक के तीन बच्चे हैं और परिवार आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहा था, लेकिन असली कारण का खुलासा रिपोर्ट और जांच के बाद ही होगा।

स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और परिवार को सहायता और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।

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हमारे बारे में योगेश दत्त तिवारी पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और मीडिया की दुनिया में एक विश्वसनीय और सशक्त आवाज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अपने समर्पण, निष्पक्षता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के चलते उन्होंने पत्रकारिता में एक मजबूत स्थान बनाया है। पिछले 15 वर्षों से वे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'देशबंधु' में संपादक के रूप में कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है और पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। उनकी लेखनी न सिर्फ तथ्यपरक होती है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करती है। योगेश दत्त तिवारी का उद्देश्य सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने हमेशा युवाओं को जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए प्रेरित किया है और पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना है। उनकी संपादकीय दृष्टि, विश्लेषणात्मक क्षमता और निर्भीक पत्रकारिता समाज के लिए प्रेरणास्रोत रही है।
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