होम देश / विदेश मध्यप्रदेश राजनीति धर्म/अध्यात्म ऑटोमोबाइल सरकारी योजना खेल समाचार
By
On:

सागर में लाजपतपुरा में हिस्ट्रीशीटर हत्याकांड की पूरी कहानी : पीट-पीटकर हत्या, हमलावरों ने घेरकर सड़क पर घसीटा !

सागर : 25 नवंबर की ...

[post_dates]

संपादक

Published on:

whatsapp

सागर : 25 नवंबर की रात हुई वारदात, 27 नवंबर को इलाज के दौरान सुशील चौबे की मौत, परिजनों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की

सागर। कोतवाली थाना क्षेत्र के लाजपतपुरा में एक हिस्ट्रीशीटर को भीड़ ने डंडों से इतना पीटा कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना का वीडियो शुक्रवार को सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, 25 नवंबर की रात बाहुबली कॉलोनी निवासी 40 वर्षीय सुशील चौबे किसी काम से लाजपतपुरा की गली से गुजर रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों से उसका विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर लगभग 15 लोगों ने सुशील पर डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। वीडियो में दिख रहा है कि कई युवक बार-बार वार कर रहे हैं और कोई कहता सुनाई देता है। पैर तोड़ दो। उसी समय एक अन्य युवक उसे घसीटने की बात भी कहता दिखता है।
भारी चोट लगने के बाद सुशील को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन 27 नवंबर को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया।
मृतक के बड़े भाई सुधीर चौबे ने बताया कि लाजपतपुरा में कुछ लोगों ने सुशील की बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौत हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मारपीट करने वालों में तुलसी प्रजापति सहित कई लोग शामिल थे, हालांकि झगड़े की वजह स्पष्ट नहीं है। परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंघल के अनुसार, सुशील के साथ कुछ युवकों ने मारपीट की थी और चोटों के कारण उसकी अस्पताल में मौत हो गई। मामले में हत्या का अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सुशील चौबे कोतवाली और गोपालगंज थानों में निगरानीशुदा बदमाश था और उसके खिलाफ पहले भी लूट, मारपीट और पैसों की छीना-झपटी जैसे लगभग दो दर्जन केस दर्ज हैं।

पुलिस अब वायरल वीडियो, गवाहों और तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की दिशा में काम कर रही है।

Join our WhatsApp Group
संपादक

हमारे बारे में योगेश दत्त तिवारी पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और मीडिया की दुनिया में एक विश्वसनीय और सशक्त आवाज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अपने समर्पण, निष्पक्षता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के चलते उन्होंने पत्रकारिता में एक मजबूत स्थान बनाया है। पिछले 15 वर्षों से वे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'देशबंधु' में संपादक के रूप में कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है और पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। उनकी लेखनी न सिर्फ तथ्यपरक होती है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करती है। योगेश दत्त तिवारी का उद्देश्य सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने हमेशा युवाओं को जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए प्रेरित किया है और पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना है। उनकी संपादकीय दृष्टि, विश्लेषणात्मक क्षमता और निर्भीक पत्रकारिता समाज के लिए प्रेरणास्रोत रही है।
प्रमुख खबरें
View All
error: RNVLive Content is protected !!