सागर /देवरीकलां। पत्नी की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के सनसनीखेज मामले में शुक्रवार को न्यायालय ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार करोरिया द्वारा 28 नवंबर को आरोपी रामू पांडे उर्फ बिंदेश को दोष सिद्ध पाये जाने पर धारा 302 भादवि के तहत सश्रम आजीवन कारावास एवं 5000 रुपये के अर्थदंड तथा धारा 201 भादवि में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अपर लोक अभियोजक देवरी पीएल रावत ने बताया कि मृतका रीना पांडे का विवाह मई 2021 में आरोपी रामू पांडे से हुआ था। मृतका के परिजनों के अनुसार विवाह के बाद से ही रीना के साथ आये दिन मारपीट एवं प्रताड़ना की जा रही थी। 10 जून 2024 को मृतका ने अपने भाई ओंकार, बहन मीना एवं सीमा को बताया था कि उसके पति ने शराब पीकर उसके साथ मारपीट की। परिजनों ने उसे समझाया और वापस चले गये। अगले ही दिन शाम करीब 7.10 बजे रीना की ननद द्वारा फोन पर सूचना दी गई कि रीना ने आत्महत्या कर ली है और उसका उपचार देवरी अस्पताल में चल रहा है। परंतु जब परिजन देवरी अस्पताल पहुंचे तो पाया कि रीना की मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोट, घटना स्थल निरीक्षण एवं गवाहों के कथनों के आधार पर यह सिद्ध हुआ कि मृतका की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि रस्सी से गला घोंटकर हत्या थी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 11 साक्षी प्रस्तुत किये गये, जबकि आरोपी पक्ष ने स्वयं सहित 5 साक्षियों की गवाही पेश की, परंतु न्यायालय ने अभियोजन के साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुये आरोपी को दोषी ठहराया। प्रकरण की विवेचना अनुविभागीय अधिकारी पुलिस शशिकांत सरयाम द्वारा की गई। न्यायालय में पैरवी पीएल रावत अपर लोक अभियोजक देवरी द्वारा की गई।
पति द्वारा गला घोटकर पत्नी की हत्या करने के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास
सागर /देवरीकलां। पत्नी की हत्या ...
[post_dates]

संपादक







