वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पहली बार दिखी दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली रस्टी स्पॉटेड कैट इसे बाघ की तरह संरक्षण प्राप्त
डोंगरगांव रेंज में बाघों की गणना के लिए लगाए गए कैमरे में कैद हुई विलुप्त जीवों की श्रेणी में शामिल बिल्ली
विशाल रजक तेंदूखेड़ा!- वीरांगना रानी दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिजर्व से रोमांचित करने वाली तस्वीर सामने आई हैं. प्रबंधन ने ये तस्वीर जारी करते हुए कहा है कि नौरादेही टाइगर रिजर्व में पहली बार दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली की प्रजाति ‘रस्टी स्पॉटेड कैट’ कैमरे में कैद हुई है. यह जैव विविधता के मामले में नौरादेही टाइगर रिजर्व के लिए एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है. साथ ही प्रबंधन ने दावा किया है कि चीतों के आने के बाद नौरादेही सिर्फ भारत ही नहीं दुनिया का ऐसा वन क्षेत्र होगा, जहां सबसे बड़ी बिल्ली बाघ, सबसे तेज बिल्ली चीता और सबसे छोटी बिल्ली रस्टी स्पॉटेड कैट एक साथ देखी जा सकेगी
डोंगरगांव रेंज में 2 साल पहले कैमरा ट्रैप सर्वे में आई सामने
टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा जारी की गई तस्वीरों के बारे में बताया गया है कि ये तस्वीर फरवरी-मार्च 2024 के बीच वन विभाग और डब्ल्यू डब्ल्यू आई इंडिया द्वारा सालाना बाघ निगरानी अभियान के तहत किए गए कैमरा ट्रैप सर्वे के दौरान कैद हुई थी यह तस्वीर टाइगर रिजर्व की डोंगरगांव रेंज में ली गई थी. रस्टी स्पॉटेड कैट को आईयूसीएन की रेड लिस्ट में संकट के करीब श्रेणी में रखा गया है. भारत में इसे वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची -1 के तहत सुरक्षा प्राप्त है
कहां पाई जाती है बिल्ली
रस्टी स्पॉटेड कैट प्रजाति आमतौर पर सूखे पर्णपाती वनों, झाड़ियां वाले इलाकों, घास के मैदानों और पथरीले इलाकों में पाई जाती है कभी-कभी ये इंसानी बस्तियों के नजदीक भी नजर आती है.
नौरादेही टाइगर रिजर्व में इस प्रजाति की उपस्थिति की पुष्टि इन तस्वीरों के जरिए पहली बार हुई है. यह टाइगर रिजर्व के पारिस्थितिकी महत्व को उजागर करता है. ये दर्शाता है कि यहां छोटी बिल्लियों के लिए उपयुक्त आवास मौजूद है. शोधकर्ताओं ने इस क्षेत्र में रस्टी स्पॉटेड कैट के व्यवहार, वितरण और संरक्षण की स्थितियों को बेहतर ढंग से समझने के लिए अध्ययन की सलाह दी है
प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व
2 हजार 339 वर्ग किलोमीटर में फैला वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व दमोह सागर और नरसिंहपुर जिलों में स्थित है अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यहां बाघ, तेंदुए, भालू, भेड़िए और दुर्लभप्रजाति के गिद्ध हैं। चीतों को लाने की तैयारी चल रही है।दुर्लभ जंगली बिल्ली की मौजूदगी से यह भी संकेत मिल रहे हैं कि टाइगर रिजर्व का यह क्षेत्र छोटी जंगली बिल्ली प्रजातियों के लिए भी उपयुक्त आवास प्रदान करता है। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट एसके मलिक ने इस प्रजाति के व्यवहार, वितरण और संरक्षण की स्थिति को बेहतर समझने के लिए आगे और अध्ययन की आवश्यकता बताई है
वजन: 0.9 से 1.6 किग्रा, आकारः हथेली पर समा जाए
रस्टी स्पॉटेड कैट इतनी छोटी होती है कि यह आपकी हथेली पर आसानी से समा सकती है एक पूर्ण वयस्क का वजन महज 0.9 से 1.6 किग्रा के बीच होता है। इसके शरीर पर जंग के रंग जैसे भूरे धब्बे होते हैं। जिसके कारण इसका नाम ‘रस्टी स्पॉटेड’ पड़ा। इसकी खाल का रंग भूरा-मटमैला होता है आकार छोटा होने के बावजूद यह बेहद आक्रामक शिकारी है। यह मुख्य रूप से छोटे रोडेंट्स (चूहे), पक्षी और छिपकलियों का शिकार करती है यह निशाचर होती है, इसलिए इसे दिन के उजाले में देख पाना लगभग असंभव है। टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि इस नन्हीं बिल्ली को वही कानूनी सुरक्षा प्राप्त है जो जंगल के राजा बाघ को मिलती है। इसका वैज्ञानिक नाम Prionailurus rubiginosus है। दुर्लभ बिल्ली की उपस्थिति टाइगर रिजर्व में वन्य जीवों के लिए एक आदर्श और अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाती है
सबसे छोटी, बड़ी और तेज बिल्ली देखी जा सकती है एक साथ
टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह ने बताया रस्टी स्पॉटेड कैट की मौजूदगी नौरादेही टाइगर रिजर्व को एक ऐसे वन्य जीव आवास के रूप में परिभाषित करती है, जो न सिर्फ बाघों का घर है बल्कि कई अन्य दुर्लभ बने प्रजातियों का आश्रय स्थल है. इस साल चीता की आमद के बाद नौरादेही भारत का ही नहीं, बल्कि दुनिया का एक ऐसा अकेला टाइगर रिजर्व बन जाएगा, जिसमें दुनिया की सबसे बड़ी बिल्ली बाघ, सबसे तेज बिल्ली चीता और सबसे छोटी बिल्ली रस्टी स्पॉटेड कैट एक साथ देखी जा सकेगी








