सागर में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल: 2 महीने से बिना बिजली चल रहा संजीवनी क्लिनिक
सागर जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिले के प्रभारी एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के क्षेत्र में ही स्थित राहतगढ़ बस स्टैंड का संजीवनी क्लिनिक खुद बदहाल हालत में पहुंच चुका है।
जानकारी के अनुसार, बिजली बिल बकाया होने के चलते मार्च महीने में क्लिनिक की बिजली काट दी गई थी। हैरानी की बात यह है कि दो महीने बीत जाने के बाद भी बिजली बहाल नहीं हो सकी है। भीषण गर्मी के इस दौर में बिना बिजली के मरीजों और स्टाफ दोनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गुरुवार सुबह करीब 11 बजे किए गए निरीक्षण में कई खामियां सामने आईं। क्लिनिक में न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की। वाटर कूलर पिछले तीन महीनों से खराब पड़ा है, जिसके चलते स्टाफ को घर से पानी लाना पड़ रहा है।
क्लिनिक में पदस्थ नर्स सीमा राज अहिरवार ने बताया कि बिजली बिल जमा न होने के कारण सप्लाई बंद है और इस संबंध में उच्च अधिकारियों को तीन बार सूचित किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि बजट की कमी के चलते भुगतान नहीं हो सका है और बजट मिलते ही बिल जमा कर दिया जाएगा।
स्थिति और गंभीर तब हो गई जब पता चला कि यहां पदस्थ डॉक्टर का फरवरी में तबादला हो चुका है और तब से अब तक कोई नई नियुक्ति नहीं हुई। ऐसे में पूरा क्लिनिक सिर्फ एक नर्स के भरोसे चल रहा है, जो सीमित संसाधनों के बीच मरीजों की शुगर और बीपी जैसी सामान्य जांच ही कर पा रही है। स्थानीय मरीजों ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि जब अस्पताल में न बिजली है, न पानी और न ही डॉक्टर, तो ऐसे भवन का क्या औचित्य है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की है।








