सागर की बीना स्टेशन पर बड़ा खुलासा: अंत्योदय एक्सप्रेस में 100 से ज्यादा बाल मजदूर मिले, हड़कंप मचा
सागर/बीना। सागर जिले के बीना रेलवे जंक्शन पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दरभंगा-अहमदाबाद अंत्योदय एक्सप्रेस में बड़ी संख्या में बाल मजदूरों को ले जाए जाने की सूचना सामने आई। सूचना मिलते ही बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, आरपीएफ और जीआरपी की टीम प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंची और ट्रेन में सघन जांच अभियान चलाया गया।
जानकारी के अनुसार ट्रेन नंबर 15559 दरभंगा-अहमदाबाद अंत्योदय एक्सप्रेस के जरिए बिहार से बच्चों को गुजरात के अलग-अलग शहरों में काम कराने के लिए ले जाया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल कल्याण समिति ने पहले ही जबलपुर और भोपाल मंडल के रेल अधिकारियों को सूचना दे दी थी।
बताया गया कि समिति के सदस्य पहले सागर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे, लेकिन ट्रेन का स्टॉपेज कम होने के कारण वहां कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद जैसे ही ट्रेन बीना रेलवे स्टेशन पहुंची, टीम ने तत्काल कोचों में चेकिंग शुरू कर दी।
जांच के दौरान ट्रेन में 100 से ज्यादा बच्चे सफर करते मिले, जिनमें कई नाबालिग बताए जा रहे हैं। टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को ट्रेन से नीचे उतारकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने बताया कि वह तीन नाबालिग समेत पांच बच्चों को रायसेन लेकर जा रहा था, जहां उन्हें किसी कारखाने में काम पर लगाया जाना था।
हालांकि ट्रेन का स्टॉपेज बेहद कम होने के कारण पूरी कार्रवाई नहीं हो सकी और ट्रेन आगे रवाना हो गई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद रेलवे और बाल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बाल कल्याण समिति के सदस्य ओमकार सिंह ने आरोप लगाया कि अंत्योदय एक्सप्रेस के जरिए लगातार बाल मजदूरों को ले जाया जाता है, लेकिन आरपीएफ और जीआरपी की लापरवाही के चलते ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि इस बार भी पुलिस ने केवल खानापूर्ति की और पर्याप्त सहयोग नहीं दिया।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर बच्चों को मजदूरी के लिए कौन भेज रहा है और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन लोग शामिल हैं।








