जन्म प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे लोग, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तेंदूखेड़ा की व्यवस्था पर उठे सवाल
तेंदूखेड़ा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने आए ग्रामीणों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोगों का कहना है कि आवश्यक दस्तावेज बनवाने के लिए उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन फिर भी काम समय पर नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि केंद्र में पदस्थ डाटा एंट्री ऑपरेटर नितिन खरे अक्सर समय पर उपस्थित नहीं रहते, जिसके कारण जन्म प्रमाण पत्र संबंधी कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) की भी नियमित अनुपस्थिति को लेकर लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार सुबह से ही लोग स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर इंतजार करते हैं, लेकिन संबंधित कर्मचारी अनुपस्थित रहते हैं और कई बार दोपहर लगभग 1 बजे के बाद पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि सप्ताह में दो से तीन दिन तक कर्मचारियों की अनुपस्थिति की स्थिति बनी रहती है, जिससे ग्रामीणों को भारी असुविधा होती है। दूर-दराज से आने वाले लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ समय की भी बर्बादी झेलनी पड़ रही है। कई बार महिलाएं और बुजुर्ग घंटों इंतजार के बाद बिना काम कराए वापस लौटने को मजबूर हो जाते हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक तेंदूखेड़ा ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर सीबीएमओ की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे आमजन में असंतोष बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तेंदूखेड़ा की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार किया जाए, कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा जन्म प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर सुचारू रूप से संपन्न कराया जाए। साथ ही, लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग भी की गई है, ताकि भविष्य में आमजन को इस प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े।








