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NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द, पेपर लीक के आरोपों से मचा हड़कंप : भोपाल समेत देशभर के लाखों छात्रों पर असर, जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे

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NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द, पेपर लीक के आरोपों से मचा हड़कंप : भोपाल समेत देशभर के लाखों छात्रों पर असर, जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को पेपर लीक की आशंकाओं के बीच रद्द कर दिया गया है। भोपाल के 33 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में करीब 14 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा निरस्त होने की खबर सामने आते ही छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लंबे समय से तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अब दोबारा परीक्षा देने की चिंता सताने लगी है।

भोपाल के नीट अभ्यर्थी सार्थक यादव ने बताया कि उन्होंने पूरे साल मेहनत कर परीक्षा की तैयारी की थी, लेकिन एग्जाम रद्द होने से वे बेहद निराश हैं। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं छात्रों को मानसिक रूप से तोड़ देती हैं। अब फिर से उसी दबाव के साथ तैयारी करनी पड़ेगी और यह भरोसा भी नहीं है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनेगी।

वहीं, छात्रा इशीका साहू ने कहा कि यह उनका पहला नीट एग्जाम था। परीक्षा रद्द होने की खबर ने उन्हें झकझोर दिया। उन्होंने कहा कि कई छात्र ड्रॉप लेकर महीनों से कठिन मेहनत कर रहे थे, लेकिन अब री-एग्जाम की चर्चा ने सभी को तनाव में डाल दिया है।

भोपाल स्थित एनएकेडमी के डायरेक्टर निशांत सप्रे ने इस पूरे मामले को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के बाद प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार को NTA के जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

निशांत सप्रे ने कहा कि किसी भी छात्र की तैयारी के पीछे केवल उसकी मेहनत नहीं, बल्कि पूरे परिवार की उम्मीदें और आर्थिक निवेश जुड़ा होता है। ऐसे में परीक्षा रद्द होना छात्रों को गहरे मानसिक तनाव और हताशा की स्थिति में पहुंचा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि कई विद्यार्थी अवसाद जैसी परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं।

NTA ने स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों को नया रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। पुराने परीक्षा केंद्र ही बनाए रखे जाएंगे, हालांकि री-एग्जाम के लिए नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। एजेंसी ने परीक्षा शुल्क लौटाने की भी घोषणा की है। इससे छात्रों को आवेदन प्रक्रिया को लेकर थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन मानसिक दबाव और तैयारी का बोझ फिर बढ़ गया है।

जांच एजेंसियों की पड़ताल में सामने आया है कि परीक्षा के प्रश्न पत्र छपने से पहले ही नकल गिरोह तक पहुंच गए थे। जानकारी के मुताबिक, बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 35 सवाल पहले से ही गैंग के पास मौजूद थे। जांच में इस पूरे नेटवर्क के तार जयपुर से जुड़े पाए गए हैं।

राजस्थान एसओजी ने सोमवार को जयपुर से मनीष नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसे इस रैकेट का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार उसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि लीक हुए सवालों को दूसरे संभावित प्रश्नों के साथ मिलाकर एक बड़ा क्वेश्चन बैंक तैयार किया गया था, जिसे छात्रों तक पहुंचाया गया।

बताया जा रहा है कि बायोलॉजी के 90 में से सभी 90 सवाल और केमिस्ट्री के 45 में से 35 सवाल असली परीक्षा में हूबहू आए। एसओजी ने उन छात्रों से भी पूछताछ की है जिन्हें यह क्वेश्चन बैंक दिया गया था। कई छात्रों ने पैसों के लेनदेन की बात स्वीकार की है। अब एजेंसियां पूरे नेटवर्क की मनी ट्रेल खंगाल रही हैं और यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर कितनी रकम में बेचा गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

NTA के अनुसार, 8 मई 2026 को मामले की शुरुआती जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई थी। प्रारंभिक जांच में परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रभावित होने के संकेत मिले, जिसके बाद परीक्षा रद्द करने और दोबारा कराने का निर्णय लिया गया।

राजस्थान में कई छात्रों के पास हाथ से लिखा कथित “गेस पेपर” भी मिला था। जांच में पाया गया कि उसमें मौजूद कई सवाल असली परीक्षा से मेल खा रहे थे। 10 मई को राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से 15 संदिग्धों को हिरासत में लिया।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि 720 अंकों में से लगभग 600 अंकों के सवाल परीक्षा से दो दिन पहले ही सीकर में छात्रों तक पहुंच चुके थे। बताया जा रहा है कि यह गेस पेपर केरल के एक मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई कर रहे छात्र ने 1 मई को अपने दोस्त को भेजा था।

जांच एजेंसियों को मिले क्वेश्चन बैंक में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से अधिक सवाल शामिल हैं। शुरुआती जांच में सभी सवाल एक जैसी हैंडराइटिंग में लिखे पाए गए हैं। इनमें से करीब 150 सवाल सीधे NEET UG 2026 के असली पेपर में मिले। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी गेस पेपर के कुछ सवाल परीक्षा में आना सामान्य हो सकता है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में सवालों का मिलना बेहद गंभीर मामला है।

यह पहला अवसर नहीं है जब NEET परीक्षा विवादों में घिरी हो। इससे पहले 2024 में भी पेपर लीक के आरोपों ने देशभर में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। उस समय परीक्षा 5 मई को आयोजित हुई थी और अगले दिन NTA ने लीक की खबरों से इनकार किया था। बाद में पटना और हजारीबाग की जांच में पेपर लीक के प्रमाण मिले थे और कई गिरफ्तारियां भी हुई थीं।

हालांकि उस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द नहीं की थी। केवल कुछ केंद्रों पर 1,539 छात्रों की दोबारा परीक्षा कराई गई थी। 2024 में 67 छात्रों के 720 में 720 अंक आने और एक ही केंद्र से कई टॉपर्स निकलने को लेकर भी सवाल उठे थे। अब 2026 में फिर सामने आए इन आरोपों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
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