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भीषण गर्मी में जल संकट गहराया, पानी के लिए घंटों इंतजार को मजबूर ग्रामीण

भीषण गर्मी में जल संकट ...

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भीषण गर्मी में जल संकट गहराया, पानी के लिए घंटों इंतजार को मजबूर ग्रामीण

तेंदूखेड़ा। नगर से लगभग 12 किलोमीटर दूर जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम  पंचायत   इमलीडोल एवं इसके अंतर्गत आने वाले ग्राम हाथीडोल में इन दिनों भीषण जल संकट की स्थिति बनी हुई है। दोनों गांवों के ग्रामीण पेयजल की भारी समस्या से जूझ रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि लोगों को कई किलोमीटर दूर से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यहां सतधरू योजना फेल है ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान की मांग की है। ग्राम इमलीडोल में लगभग डेढ़ सौ परिवारों के लिए केवल एक हैंडपंप ही पानी का सहारा बचा हुआ है। भीषण गर्मी के बीच सुबह से देर रात तक लोग पानी भरने के लिए कतार में खड़े रहते हैं। महिलाओं और बच्चों को सुबह-सुबह नंबर लगाकर घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत होने वाली पानी सप्लाई लगातार आठ-आठ दिनों तक बंद रहती है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। गांव में अन्य कोई वैकल्पिक जल स्रोत उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी परिवार इसी एक हैंडपंप पर निर्भर हैं।

गांव के निवासी भागसिंह ठाकुर, हल्की भाई, प्रेमवती, अभिलाष एवं राजरानी ने बताया कि पानी की समस्या के कारण दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पीने के पानी के साथ-साथ घरेलू कार्यों के लिए भी लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कई बार अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। वहीं ग्राम पंचायत के ग्राम हाथीडोल की स्थिति इससे भी अधिक गंभीर बनी हुई है। गांव में विद्यालय स्थित होने के बावजूद वहां एक भी हैंडपंप उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण निजी बोर और निजी बसाहटों से पानी लाने को मजबूर हैं। जब निजी बोर भी जवाब दे देते हैं, तब पूरे गांव के लोग लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित हेमहाऊ झिरिया से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में संचालित नल-जल एवं अन्य पेयजल योजनाएं पूरी तरह फेल साबित हो रही हैं। कभी 10 दिन मै ,15 दिन में तो कभी 20 दिन में पानी पहुंचता है पानी की टंकी शोपीस है गांव के जवाहर सिंह, कौशल्या, मनीषा, प्रीति, ललिता बाई एवं बबलू सहने ने बताया कि महीने में केवल एक-दो बार ही पानी की सप्लाई हो पाती है, वह भी भगवान भरोसे। ऐसे में ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार इस संबंध में जबेरा तेंदूखेड़ा जलप्प्र विदाय विभाग के अधिकारियों से कई बार चर्चा की गई, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां पानी पहुंचाने में काफी दिक्कतें आती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तकनीकी समस्याओं का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर महोदय से मांग की है कि दोनों गांवों में तत्काल वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, नए हैंडपंप लगाए जाएं तथा जल जीवन मिशन की नियमित सप्लाई बहाल की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में जल संकट और गहरा सकता है। इनका कहना– इस संबंध में प्रबंधक जनसहभागिता दमोह मनोज राज से बात की गई तो उनका कहना था कि ऐसी जानकारी तो मेरे पास नहीं है किसी ग्राम में पानी नहीं पहुंच रहा है लेकिन आपके द्वारा इस संबंध में मुझे बताया गया है मैं तत्काल ही दिखवाता हूं कि क्या समस्या है पानी क्यों नहीं पहुंच रहा है भरत विश्वकर्मा सहायक प्रबंधक जल निगम ने बताया कि मैं बुधवार को ही इमलीडोल,हाथीडोल ग्राम  पहुंचकर वहां की समस्या का समाधान करवाता हूं ताकि किसी को गर्मी में पानी की परेशानी ना हो

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हमारे बारे में योगेश दत्त तिवारी पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और मीडिया की दुनिया में एक विश्वसनीय और सशक्त आवाज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अपने समर्पण, निष्पक्षता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के चलते उन्होंने पत्रकारिता में एक मजबूत स्थान बनाया है। पिछले 15 वर्षों से वे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'देशबंधु' में संपादक के रूप में कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है और पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। उनकी लेखनी न सिर्फ तथ्यपरक होती है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करती है। योगेश दत्त तिवारी का उद्देश्य सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने हमेशा युवाओं को जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए प्रेरित किया है और पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना है। उनकी संपादकीय दृष्टि, विश्लेषणात्मक क्षमता और निर्भीक पत्रकारिता समाज के लिए प्रेरणास्रोत रही है।
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