सागर : हाईवे पर आवारा मवेशियों का कब्जा, हर दिन हो रहे सड़क हादसे
सागर। बीना, खुरई, मालथौन और राहतगढ़ क्षेत्र में आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या आम जनता के लिये बड़ी मुसीबत बन गई है। सड़कों और नेशनल हाईवे पर बीचों बीच बैठे ये मवेशी लगातार हो रहे सड़क हादसों की मुख्य वजह बन रहे हैं। ग्रामीण इलाकों से मवेशियों के झुंड सूखी जगह की तलाश में बाजारों की तरफ आ रहे हैं, जिससे न केवल ट्रैफिक जाम हो रहा है, बल्कि राहगीरों की जान पर भी बन आई है। बारिश का मौसम शुरू होने के बाद से यह समस्या और ज्यादा गंभीर हो गई है। बीना के सर्वोदय चौराहा, गांधी चौराहा, अंबेडकर तिराहा और महावीर चौक पर दिन-रात मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। इसके अलावा बीना से सागर, कुरवाई, मालथौन जाने वाले मार्गों और नेशनल हाईवे 44 पर भी मवेशियों के बड़े झुंडों ने कब्जा कर रखा है, जिससे भारी वाहनों की चपेट में आकर मवेशी और उनसे टकराकर छोटे वाहन चालक घायल हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों के मुताबिक मवेशियों के सड़कों पर बैठने के कारण हर दिन तीन से चार छोटी बड़ी दुर्घटनायें हो रही हैं। पूर्व में हुये हादसों में कई वाहन चालक अपनी जान भी गंवा चुके हैं। इन मवेशियों को पकड़ने और लापरवाही बरतने वाले पशुपालकों पर सख्त कार्यवाही करने की जिम्मेदारी नगर परिषद की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे पशु पालकों के हौसले बुलंद हैं। हाईवे से गुजरने वाले ट्रक चालकों ने बताया कि सड़कों पर अचानक मवेशियों के आ जाने से गाड़ियों को नियंत्रित करना बेहद मुश्किल हो जाता है। रात के समय सड़कों पर बैठे मवेशियों से टक्कर होने पर स्थिति और खराब हो जाती है। चालकों के अनुसार दुर्घटना होने पर मौके पर जुटने वाली भीड़ बिना सच जाने सबसे पहले वाहन चालकों के साथ मारपीट शुरू कर देती है, जिसके कारण कई बार उन्हें अपनी जान बचाकर भागना पड़ता है।








