गढ़ाकोटा थाने में सुनवाई नहीं होने से परेशान होने का आरोप, जनसुनवाई में अधिकारियों के सामने रो पड़ी महिला; शिकायत पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद मानी
सागर। न्याय की आस में कलेक्ट्रेट पहुंची एक महिला ने मंगलवार दोपहर आत्मदाह करने की कोशिश की। महिला अपने पति और तीन बच्चों के साथ थैले में रस्सी और पेट्रोल की बोतल लेकर जनसुनवाई में पहुंची थी। दोपहर करीब 12:30 बजे उसके पति ने थैले से रस्सी निकाली, जिसके बाद महिला ने पेट्रोल की बोतल निकालकर खुद पर डालने का प्रयास किया। हालांकि, वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते उसे रोक लिया और बड़ा हादसा टल गया।
इस घटनाक्रम के बाद महिला भावुक होकर रोने लगी। उसने अधिकारियों के सामने अपनी परेशानी बताते हुए आरोप लगाया कि गढ़ाकोटा थाने में कई बार शिकायत करने के बावजूद उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। लगातार परेशानियों से वह इस कदर टूट चुकी है कि अब जीने की इच्छा भी नहीं बची है।
पांच साल से परेशान करने का लगाया आरोप
महिला की पहचान माधवकुटी निवासी काशीबाई सौर के रूप में हुई है। उसने अपनी शिकायत में उजियार सिंह लोधी, रविंद्र लोधी, जित्तू लोधी, मीनारानी लोधी और उमरानी लोधी निवासी माधवकुटी सहित ग्राम मारपानी के तीन अज्ञात लोगों पर पिछले पांच साल से परेशान करने के आरोप लगाए हैं।
महिला के मुताबिक, 30 अक्टूबर को खूंटा लगाने को लेकर विवाद हुआ था। इसी बात पर सभी आरोपी एकजुट होकर उसके घर में घुस आए और लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि इस दौरान उसके बाल पकड़कर घसीटा गया। मारपीट में उसका बायां हाथ फ्रैक्चर हो गया, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आईं।
बच्चों के साथ भी मारपीट का आरोप
काशीबाई का आरोप है कि उसे बचाने के लिए जब उसकी 16 वर्षीय बेटी आरती, 8 वर्षीय बेटा संतोष और 6 वर्षीय बेटी अर्चना आगे आए तो उनके साथ भी मारपीट की गई। महिला का कहना है कि वह इस मामले में पहले भी नौ बार शिकायत कर चुकी है, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला।
उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों की ओर से लगातार धमकियां मिलने के कारण उसके बच्चे डर के चलते स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद शांत हुआ परिवार
कलेक्ट्रेट में हुए इस घटनाक्रम के बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों ने महिला और उसके परिवार से बातचीत की। उन्हें समझाइश दी गई और शिकायत पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद महिला शांत हुई और परिवार के साथ वापस लौट गई।








