सागर। दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का त्योहार नहीं है, बल्कि हिंदू धर्म में इसे मां लक्ष्मी की आराधना और सुख-समृद्धि प्राप्ति का विशेष अवसर माना गया है। कार्तिक मास की अमावस्या को मनाए जाने वाले इस पर्व पर घरों की साफ-सफाई, दीप प्रज्ज्वलन और विधि-विधान से पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी स्वच्छ और पवित्र वातावरण में वास करती हैं।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, दीपावली की अमावस्या पर सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में होते हैं। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा के साथ शुक्र ग्रह को भी समृद्धि और वैभव का कारक माना जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा से जीवन में सुख-शांति और सकारात्मकता आती है।
पौराणिक मान्यताओं में भी दीपावली का विशेष महत्व है। समुद्र मंथन से मां लक्ष्मी के प्रकट होने की कथा हो या भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी पर दीप जलाकर किया गया स्वागत, ये सभी प्रसंग प्रकाश, खुशहाली और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देते हैं।
धन और समृद्धि के लिए क्या करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दीपावली की रात मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान श्री सूक्त का पाठ करना शुभ माना जाता है। इसके साथ घर के पूजा स्थल पर घी का दीपक जलाकर मां लक्ष्मी से सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
यश और प्रतिष्ठा के लिए उपाय
मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप और श्रद्धापूर्वक पूजा करना शुभ माना जाता है। विशेष रूप से ‘ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जाप किया जा सकता है।
वैभव और सुख-शांति के लिए
पूजा में कमल गट्टा, पीले चावल और लौंग जैसी पूजन सामग्री रखना शुभ माना जाता है। इसके साथ घर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखना भी दीपावली की परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
स्वास्थ्य और निरोगी जीवन के लिए
भगवान धन्वंतरि का स्मरण करते हुए ‘ॐ धन्वंतरये नमः’ मंत्र का जाप किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान धन्वंतरि आरोग्य और स्वास्थ्य के देवता हैं।
डॉ. अनिल दुबे वैदिक के अनुसार, दीपावली का पर्व ज्योतिषीय, पौराणिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर पूजा-पाठ और मंत्र जाप के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर सकता है।
ध्यान दें: ये उपाय धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इनसे धन प्राप्ति या रोगों के उपचार की शत-प्रतिशत गारंटी नहीं मानी जानी चाहिए।
विशेषज्ञ: डॉ. अनिल दुबे वैदिक, देवरी बिछुआ
संपर्क: 9936443138
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।








