दीपावली 8 नवंबर को, गोवर्धन पूजा 10 नवंबर को होगी; ज्योतिषाचार्य डॉ. श्याम मनोहर चतुर्वेदी ने बताई सही तिथि
अमावस्या के प्रदोष काल में रहने के कारण 8 नवंबर को मनेगा दीपोत्सव, मां लक्ष्मी-कुबेर पूजन और दीपदान के लिए शुभ मुहूर्त भी किए घोषित
सागर। दीपावली और गोवर्धन पूजा की तारीखों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अलग-अलग जानकारियों के बीच प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं सिया-भवानी पंचांग व कैलेंडर के निर्माता डॉ. श्याम मनोहर चतुर्वेदी ने पर्वों की सही तिथि और पूजा के समय को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष दीपावली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी, जबकि अन्नकूट और गोवर्धन पूजा 10 नवंबर, मंगलवार को होगी।
डॉ. चतुर्वेदी के अनुसार, शास्त्रों में दीपावली मनाने का आधार कार्तिक अमावस्या का प्रदोष काल में होना माना गया है। इस दिन मां लक्ष्मी की आराधना, दीपदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। इन सभी कार्यों के लिए प्रदोष काल को विशेष रूप से उपयुक्त माना गया है। भविष्य पुराण में भी प्रदोष काल में मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने का उल्लेख मिलता है।
उन्होंने बताया कि यदि अमावस्या लगातार दो दिनों तक प्रदोष काल में रहे, तो दूसरे दिन दीपावली मनाने का विधान है। लेकिन यदि अमावस्या केवल एक दिन प्रदोष काल में पड़ती है, तो उसी दिन दीपोत्सव मनाया जाता है।
इस वर्ष अमावस्या तिथि 8 नवंबर, रविवार को सुबह 11 बजकर 28 मिनट पर शुरू होगी और 9 नवंबर, सोमवार को दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगी। चूंकि 9 नवंबर को अमावस्या प्रदोष काल शुरू होने से पहले ही समाप्त हो जाएगी, जबकि 8 नवंबर को पूरी प्रदोष अवधि में अमावस्या रहेगी। इसी शास्त्रीय गणना के आधार पर दीपावली 8 नवंबर को मनाना उचित होगा।
डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि 8 नवंबर को प्रदोष काल में मां महालक्ष्मी, भगवान कुबेर और बही-खाता पूजन के साथ दीपदान किया जाएगा।
दीपावली पर पूजा के शुभ मुहूर्त
* प्रदोष काल: शाम 5 बजकर 32 मिनट से रात 8 बजकर 08 मिनट 36 सेकंड तक।
* विशेष पूजन मुहूर्त: शाम 5 बजकर 57 मिनट से रात 7 बजकर 55 मिनट तक।
* रात्रिकालीन पूजन मुहूर्त: रात 12 बजकर 12 मिनट से 2 बजकर 42 मिनट तक।
रात्रि के चौघड़िया मुहूर्त
* लाभ चौघड़िया: रात 7 बजकर 09 मिनट से 8 बजकर 46 मिनट तक।
* शुभ चौघड़िया: रात 10 बजकर 22 मिनट से 11 बजकर 59 मिनट तक।
* अमृत चौघड़िया: रात 11 बजकर 59 मिनट से रात 1 बजकर 36 मिनट तक।
10 नवंबर को होगी गोवर्धन और अन्नकूट पूजा
ज्योतिषाचार्य डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन अन्नकूट, गोवर्धन पूजा और बलि पूजा करने का विधान है। हालांकि, इस दिन चंद्र दर्शन नहीं होना चाहिए। यदि प्रतिपदा तिथि पर चंद्रमा दिखाई देता है, तो इन पूजाओं को एक दिन पहले करने का नियम बताया गया है। इस वर्ष ऐसी स्थिति नहीं बन रही है, इसलिए अन्नकूट, गोवर्धन और बलि पूजा 10 नवंबर, मंगलवार को ही की जाएगी।
पर्वों की तिथियां और धार्मिक कार्यक्रम
6 नवंबर, शुक्रवार: धनतेरस।
7 नवंबर, शनिवार: श्री हनुमान जन्मोत्सव एवं धनवंतरी जयंती।
8 नवंबर, रविवार: तैलाभ्यंग स्नान, अरुणोदय काल में सुबह 5 बजकर 01 मिनट से सूर्योदय 6 बजकर 25 मिनट तक।
8 नवंबर, रविवार: दीपावली, मां लक्ष्मी पूजन एवं कुबेर पूजा।
* 10 नवंबर, मंगलवार: अन्नकूट एवं गोवर्धन पूजा।








