सागर में आयोजित हुआ ‘अजेया युवती सम्मेलन’, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर हुआ संवाद
डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने किया आयोजन, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सहभागिता जैसे विषयों पर हुई चर्चा
सागर। महिलाओं की भागीदारी समाज में बदलाव लाने के साथ राष्ट्र के विकास को भी नई दिशा देती है। इसी उद्देश्य को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, सागर द्वारा डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में ‘अजेया युवती सम्मेलन’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवतियों के सर्वांगीण विकास, आत्मनिर्भर बनने, सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

सम्मेलन के माध्यम से युवतियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया। चर्चा में इस बात को प्रमुखता दी गई कि युवा महिलाएं अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। इसके लिए जरूरी है कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ अपने दायित्वों को भी समझें और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान दें।
‘अजेया युवती सम्मेलन’ का उद्देश्य युवतियों में जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने और सामाजिक जीवन में अपनी प्रभावी भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण, व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी जैसे विषयों पर सार्थक संवाद हुआ।
इस अवसर पर केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य सुश्री शालिनी वर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दिल्ली एवं इनफ्लुएंसर सुश्री भूमिका चौहान, समाज सेविका शिल्पी भार्गव, भारतीय स्त्री शक्ति की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रतिभा तिवारी, स्त्री शक्ति मंच की प्रांत संयोजक श्रीमती कविता लारिया और उच्चतम न्यायालय की अधिवक्ता सुश्री दीपा तिवारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।
सम्मेलन का संदेश युवतियों को अपनी ताकत और क्षमता पहचानने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना रहा।








