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सागर : मां की गोद से गिरा पांच महीने का शिशु, रेल पटरी पर लुढ़का; यात्रियों ने खींची चेन, चमत्कारिक ढंग से बच गई जान

सागर : बीना रेलवे स्टेशन ...

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सागर : बीना रेलवे स्टेशन पर बुधवार दोपहर एक ऐसा वाकया हुआ जिसने हर किसी का दिल दहला दिया और फिर चमत्कार पर यकीन भी करा दिया। दोपहर करीब 3 बजकर 20 मिनट पर प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर झांसी से पुणे जाने वाली साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन रवाना होने ही वाली थी। इसी दौरान एक महिला अपने महज पांच महीने के बेटे को गोद में लिए स्लीपर कोच में चढ़ने की कोशिश कर रही थी। अचानक बच्चे का संतुलन बिगड़ा और वह मां के हाथ से छूटकर पहले प्लेटफॉर्म पर गिरा और फिर धीरे-धीरे पटरी की तरफ लुढ़क गया।

मां की चीख-पुकार सुनकर आस-पास खड़े यात्रियों ने बिना देर किए इमरजेंसी चेन खींच दी, जिससे ट्रेन तुरंत रुक गई। ट्रेन रुकते ही कुछ लोग दौड़कर ट्रैक पर पहुंचे और बच्चे को सावधानी से बाहर निकाल लिया। सबसे हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद मासूम को एक खरोंच तक नहीं आई। उसे सही सलामत उसकी मां को सौंप दिया गया।

घटना देखकर मौके पर मौजूद हर शख्स की सांसें थम गई थीं लेकिन बच्चे को सुरक्षित देख सभी की आंखें नम हो गईं। रेलवे अधिकारियों ने भी तुरंत हालात सामान्य किए और कुछ ही मिनटों में ट्रेन को फिर से रवाना कर दिया। इस अद्भुत बचाव के बाद महिला अपने नन्हे बच्चे के साथ सुरक्षित यात्रा पर निकल पड़ी।

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हमारे बारे में योगेश दत्त तिवारी पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और मीडिया की दुनिया में एक विश्वसनीय और सशक्त आवाज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अपने समर्पण, निष्पक्षता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के चलते उन्होंने पत्रकारिता में एक मजबूत स्थान बनाया है। पिछले 15 वर्षों से वे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'देशबंधु' में संपादक के रूप में कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है और पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। उनकी लेखनी न सिर्फ तथ्यपरक होती है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करती है। योगेश दत्त तिवारी का उद्देश्य सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने हमेशा युवाओं को जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए प्रेरित किया है और पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना है। उनकी संपादकीय दृष्टि, विश्लेषणात्मक क्षमता और निर्भीक पत्रकारिता समाज के लिए प्रेरणास्रोत रही है।
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