विधानसभा में ‘सोने की ईंटों’ पर सियासी संग्राम, चेक पोस्ट और अवैध वसूली पर सरकार घिरी
भोपाल। विधानसभा में गुरुवार को परिवहन विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। कांग्रेस ने कथित “सोने की ईंटों” के मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जब विभाग से सोने की ईंटें निकल रही हों तो सख्ती करना अनिवार्य हो जाता है।
इस पर परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि विभाग को चलाना भी जिम्मेदारी है, इसलिए अति सख्ती संभव नहीं है।
चेक पोस्ट बंद करने पर टकराव
बहस की शुरुआत राज्य में चेक पोस्ट की व्यवस्था से हुई। सिंघार ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पहले ही चेक पोस्ट बंद करने की बात कह चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कागजों में भले ही चेक पोस्ट समाप्त कर दिए गए हों, लेकिन जमीनी स्तर पर अवैध वसूली की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो का हवाला देते हुए उन्होंने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
मंत्री उदय प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद गडकरी की ओर से ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि चेक प्वाइंट पूरी तरह समाप्त करना संभव नहीं है, क्योंकि वहीं से जीएसटी और ओवरलोडिंग की जांच का तंत्र संचालित होता है। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग में विसंगतियों को दूर करने की प्रक्रिया जारी है और करीब 18 प्रतिशत कर्मचारी फिलहाल निलंबित या लाइन अटैच हैं। इससे अधिक कठोर कदम उठाना विभागीय कार्यप्रणाली पर असर डाल सकता है।
शिक्षा क्षेत्र में नई पहलें
इसी सत्र में स्कूल शिक्षा विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान मंत्री उदय प्रताप सिंह ने ग्वालियर और जबलपुर में “सुपर 100” योजना शुरू करने की घोषणा की। इस योजना के जरिए मेधावी विद्यार्थियों को विशेष मार्गदर्शन देने की तैयारी है।
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि प्रदेश में जल्द ही डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए जा सकें। अतिथि विद्वानों की नई नीति के लिए हरियाणा मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है। साथ ही इलेक्ट्रो होम्योपैथी पाठ्यक्रम को बंद करने और आयुर्वेद अनुसंधान के लिए नए केंद्र स्थापित करने की जानकारी भी दी गई।
विधानसभा में हुई इस चर्चा ने परिवहन व्यवस्था से लेकर शिक्षा सुधार तक कई अहम मुद्दों को केंद्र में ला दिया








