छात्रों की गूंज कार्यक्रम में सिस्टम पर सवाल, सरकारी सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों ने रखी अपनी बात; आयोजन से पहले शहर में पोस्टर वार भी दिखा
भोपाल। शनिवार शाम इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने युवाओं के बीच पहुंचकर शिक्षा, रोजगार और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संवाद किया। दोपहर में इंदौर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हमेशा की तरह सफेद टीशर्ट में नजर आए, जबकि शाम के कार्यक्रम में वे काली टीशर्ट और जींस में युवाओं के बीच पहुंचे।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन की शुरुआत छात्रों की छह विशेषताओं का जिक्र करते हुए की। उन्होंने कहा कि छात्र विनम्र होता है, प्यार बांटता है, लेकिन साथ ही सवाल भी करता है। उनके मुताबिक व्यवस्था सवाल पूछने वाले छात्रों के खिलाफ खड़ी हो जाती है।
‘सिस्टम’ की बात समझाने के लिए कार्यक्रम के मंच पर सरकार, भाजपा और आरएसएस से जुड़े कई राजनीतिक चेहरों की तस्वीरें भी दिखाई गईं। राहुल गांधी ने सरकार के करीबी माने जाने वाले उद्योगपतियों के नामों का भी मंच से उल्लेख किया। कार्यक्रम का स्वरूप कंसर्ट जैसा रखा गया था, लेकिन इसमें युवाओं से जुड़े मुद्दों के साथ कांग्रेस की आगामी राजनीतिक दिशा भी दिखाई दी।
‘सिस्टम की वजह से मेरे भाई की जान गई’
दिल्ली हादसे में जान गंवाने वाले देवास के छात्र अर्पित जाज की बहन प्रियांशी ने कार्यक्रम में अपने भाई का जिक्र करते हुए व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके भाई जैसे कई मध्यमवर्गीय छात्र बेहतर करियर की उम्मीद में घर से दूर दिल्ली जाते हैं।
प्रियांशी के मुताबिक हादसे को 13 दिन बीतने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और न ही परिवार से किसी ने बातचीत की। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे में मृतकों के शवों की जानकारी छिपाई जा रही थी और उनके भाई की पहचान को लेकर भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
करोड़ों का बजट, फिर भी सुविधाओं की कमी
खरगोन के छात्र रजत गंगारेकर ने आंबेडकर यूनिवर्सिटी के कॉलेज में सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वहां गेस्ट फैकल्टी की व्यवस्था नहीं है। छात्रों के बैठकर पढ़ने के लिए पर्याप्त क्लासरूम नहीं हैं और छात्राओं के लिए साफ वॉशरूम की सुविधा भी नहीं है।
रजत ने दावा किया कि यूनिवर्सिटी को हर साल करीब आठ करोड़ रुपये का बजट मिलता है, लेकिन इसके बावजूद विकास कार्यों पर पर्याप्त खर्च नहीं हो रहा है।
छात्रावास के खाने पर छात्रा ने उठाए सवाल
सेंधवा की छात्रा प्रियांका सेंगर ने सरकारी छात्रावासों में मिलने वाले भोजन को लेकर अपनी परेशानी बताई। उनका कहना था कि खाना ठीक नहीं मिलने के कारण वे घर से मिर्च की चटनी तक लेकर जाती हैं, ताकि पेट भर सके।
उन्होंने कहा कि पढ़ाई के लिए किराए का कमरा लेने पर परिवार की आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है। इसके लिए माताओं के गहने और खेत तक गिरवी रखने की नौबत आ रही है। प्रियांका ने बस पास और गैस टंकी महंगी होने का भी मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि ऐसे हालात में आदिवासी छात्र किस तरह अपनी पढ़ाई जारी रखें।
बीएड-डीएड के लिए सीट नहीं होने का मुद्दा
इंदौर की छात्रा दीप्ति सिंह ठाकुर ने बताया कि पात्रता परीक्षा के जरिए उनका माध्यमिक और प्राथमिक स्कूल में चयन हुआ है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक नौकरी नहीं मिली।
उन्होंने बीएड और डीएड करने वाले विद्यार्थियों के लिए सीटों की कमी का मुद्दा उठाया। दीप्ति ने कहा कि शिक्षा हासिल करने वाले युवाओं के लिए सीट नहीं हैं, जबकि घोटाले और भ्रष्टाचार के लिए व्यवस्था में जगह होने की बात कही जाती है।
‘उद्योगों को एक रुपये में जमीन तो छात्रों को कमरा क्यों नहीं?’
उज्जैन की छात्रा राधा मालवीय ने उच्च शिक्षा के दौरान आने वाले खर्च का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। छात्रावास में जगह नहीं मिलने के कारण विद्यार्थियों को किराए पर कमरा लेकर रहना पड़ता है और इसके लिए ब्याज पर पैसे लेने की स्थिति बन रही है।
राधा ने सवाल किया कि जब उद्योगों को एक रुपये में जमीन दी जा सकती है, तो छात्रों को एक रुपये में रहने के लिए कमरा क्यों नहीं दिया जा सकता?
कार्यक्रम स्थल पर डीसीपी से बहस
कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण पुलिस और आयोजन व्यवस्था संभाल रहे लोगों पर दबाव नजर आया। करीब साढ़े चार बजे डीसीपी नरेंद्र रावत मंच पर पहुंचे और कार्यक्रम शुरू कराने के लिए कहा।
इसी दौरान राहुल गांधी के सहयोगी केवी बैजू के साथ उनकी बहस और धक्कामुक्की हो गई। इसके बाद जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े और चिंटू चौकसे भी मौके पर पहुंचे। दोनों ने डीसीपी से कहा कि आज के बाद कल भी आता है।
कार्यक्रम से पहले शहर में ‘पोस्टर वार’
राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने से पहले ही शनिवार सुबह शहर का राजनीतिक माहौल गरमा गया था। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के विरोध में शहर में ‘झूठ की गूंज’ लिखे पोस्टर लगाए गए।
शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने इन पोस्टरों को भाजपा की ओछी राजनीति बताया। दोपहर करीब पौने दो बजे राहुल गांधी इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद होटल तक के रास्ते में कांग्रेस कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए अलग-अलग स्थानों पर मौजूद रहे। एयरपोर्ट पर भीड़ के बीच धक्कामुक्की हुई, जबकि चंद्रगुप्त चौराहे पर भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली।
नवलखा से रीजनल पार्क तक युवाओं की कतार
शाम को राहुल गांधी कार्यक्रम स्थल पहुंचे तो युवाओं की लंबी कतार नवलखा से रीजनल पार्क तक दिखाई दी। राहुल गांधी करीब एक घंटे छह मिनट तक मंच पर रहे।
कार्यक्रम के दौरान इंटरनेट पर सामने आई कुछ वीडियो क्लिप में अभिनेत्री कंगना रनौत समेत कई चेहरों को दिखाया गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को अचेत बनाना चाहती है।
कटआउट लेकर खड़े परिवार के साथ रुककर फोटो खिंचवाई
कार्यक्रम से लौटते समय एयरपोर्ट रोड पर राहुल गांधी की नजर एक परिवार पर पड़ी, जो उनका कटआउट लेकर खड़ा था। राहुल गांधी ने कार रुकवाई और परिवार की महिलाओं तथा युवाओं के साथ तस्वीरें खिंचवाईं।
कांग्रेस के मंच पर नजर आया नया छात्र संगठन
नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (एनईवाययू) नामक छात्र संगठन भी कार्यक्रम में सक्रिय नजर आया। यह संगठन इससे पहले पीएससी से लेकर जंतर-मंतर तक के आयोजनों को इंदौर में संचालित कर चुका है। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान संगठन कांग्रेस के मंच पर दिखाई दिया।
भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि यदि कांग्रेस को युवाओं के साथ होने का भरोसा है, तो उसे छात्रों के बीच अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को खड़ा करने की जरूरत नहीं पड़ती।
इधर, स्थानीय भाजपा कार्यालय में दिल्ली विश्वविद्यालय में अभाविप की जीत का जश्न भी मनाया गया। इससे पहले दोपहर में इंदौर पहुंचे राहुल गांधी को काले झंडे दिखाने के लिए भाजपा नेत्रियां भी मौके पर पहुंची थीं।








