होम देश / विदेश मध्यप्रदेश राजनीति धर्म/अध्यात्म ऑटोमोबाइल सरकारी योजना खेल समाचार
By
On:

MP : मोहन सरकार पर जीतू पटवारी का हमला, बोले, तीन मंत्री अपराधों में घिरे, तुरंत हो इस्तीफा

MP : मोहन सरकार पर ...

[post_dates]

संपादक

Published on:

whatsapp

MP : मोहन सरकार पर जीतू पटवारी का हमला, बोले, तीन मंत्री अपराधों में घिरे, तुरंत हो इस्तीफा

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह सरकार अब सिर्फ एक हजार दिन की मेहमान है और इसके बाद सत्ता से बाहर हो जाएगी। पटवारी ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में तीन मंत्री गंभीर मामलों में घिरे हुए हैं और उन्हें तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए।
मीडिया से चर्चा करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि पहला नाम मंत्री विजय शाह का है। उनके अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की है कि विजय शाह मंत्री पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं, ऐसे में उनसे तुरंत इस्तीफा लिया जाना चाहिए।
दूसरे स्वास्थ्य मंत्री का जिक्र करते हुए पटवारी ने छिंदवाड़ा के कफ सिरप मामले को उठाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में 26 मौतें हुई थीं और जिन पर जिम्मेदारी बनती है, उन्हें मंत्री पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
तीसरे मंत्री के तौर पर उन्होंने नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का नाम लिया। पटवारी ने आरोप लगाया कि उनके शहर में दूषित पानी के कारण 32 लोगों की मौत हुई, इसके बावजूद वे मंत्री बने हुए हैं, जो गलत है।
पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि तालियों और अभिनंदन से सरकार नहीं चलाई जाती। मुख्यमंत्री को अपने पद की गरिमा समझनी चाहिए और तीनों मंत्रियों से इस्तीफा लेना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कांग्रेस पार्टी की आधिकारिक मांग है।
भारत-अमेरिका डील पर सवाल
जीतू पटवारी ने भारत-अमेरिका डील को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अमेरिका की शर्तों के आगे झुक गई है, जिसका सीधा नुकसान देश के किसानों को होगा। पटवारी के अनुसार बीजेपी ने खेती को फायदे का धंधा बनाने का वादा किया था, लेकिन आज सबसे ज्यादा आत्महत्याएं किसान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस डील के बाद अमेरिका का उत्पादन भारत आएगा और भारत का उत्पादन अमेरिका जाएगा, जहां उस पर ज्यादा टैरिफ लगेगा। उनका कहना था कि यह समझौता किसानों के हित में नहीं है और कांग्रेस इसके खिलाफ आंदोलन करेगी।
कर्ज के मामले में शिवराज से आगे निकली मोहन सरकार
पटवारी ने आरोप लगाया कि कर्ज लेने के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में अब तक करीब 78 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया जा चुका है, यानी रोजाना औसतन 213 करोड़ रुपये का कर्ज।
उन्होंने कहा कि एक दिन पहले ही सरकार ने 5200 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। जब इस पर सवाल उठते हैं तो सरकार विकास का हवाला देती है। पटवारी का आरोप है कि बजट का आकार जानबूझकर बड़ा रखा जाता है ताकि ज्यादा कर्ज लिया जा सके।
पटवारी ने यह भी कहा कि सरकार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि अब सरकारी संस्थानों के बजाय आम जनता से कर्ज लिया जा रहा है। कर्ज चुकाने के लिए प्रदेश की संपत्तियां बेची जा रही हैं और 13 संपत्तियों को जल्दबाजी में बेचने की तैयारी की जा रही है।
श्वेत पत्र और विशेषज्ञ समिति की मांग
जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पहले भी कई बार मांग कर चुकी है कि मोहन सरकार प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करे। इसके लिए अर्थशास्त्रियों की एक समिति बनाई जाए, जिसमें नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को भी शामिल किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि मध्य प्रदेश धीरे-धीरे आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है और सरकार किसानों व लाड़ली बहनों से किए गए वादों को पूरा करने में असफल साबित हो रही है।

Join our WhatsApp Group
संपादक

हमारे बारे में योगेश दत्त तिवारी पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और मीडिया की दुनिया में एक विश्वसनीय और सशक्त आवाज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अपने समर्पण, निष्पक्षता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के चलते उन्होंने पत्रकारिता में एक मजबूत स्थान बनाया है। पिछले 15 वर्षों से वे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'देशबंधु' में संपादक के रूप में कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है और पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। उनकी लेखनी न सिर्फ तथ्यपरक होती है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करती है। योगेश दत्त तिवारी का उद्देश्य सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने हमेशा युवाओं को जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए प्रेरित किया है और पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना है। उनकी संपादकीय दृष्टि, विश्लेषणात्मक क्षमता और निर्भीक पत्रकारिता समाज के लिए प्रेरणास्रोत रही है।
error: RNVLive Content is protected !!