झागरी गांव में स्कूल बस रोकने पर विवाद, ड्राइवर गंभीर रूप से घायल, आरोपियों पर एफआईआर दर्ज
सागर : बण्डा क्षेत्र में गुरुवार सुबह ऐसी घटना सामने आई जिसने न सिर्फ मानवता को शर्मसार किया, बल्कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। महावीर हाई स्कूल की बस चलाने वाले ड्राइवर उपेंद्र लोधी, निवासी ग्राम बिजरी, ने ग्राम झागरी के तथाकथित लम्बरदार जयसिंह ठाकुर पर गंभीर मारपीट के आरोप लगाते हुए बण्डा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
घटना कैसे शुरू हुई
गुरुवार सुबह लगभग 9:30 बजे उपेंद्र लोधी स्कूल बस लेकर झागरी गांव पहुंचे थे ताकि बच्चों को रोज की तरह स्कूल ले जा सकें। उसी समय स्कूल की शिक्षिका राधिका ठाकुर ने उन्हें फोन कर बताया कि वह भी बस से आएंगी। इस कारण उपेंद्र बस को गांव के आम चौराहे के पास कुछ देर के लिए रोककर उनका इंतजार कर रहे थे।
इसी दौरान झागरी गांव के जयसिंह ठाकुर ट्रैक्टर से वहां पहुंचे और बस के सड़क किनारे खड़े होने पर नाराज़ हो गए। उपेंद्र के अनुसार, वे बिना किसी बातचीत के गाली-गलौज करने लगे और विरोध करने पर अचानक उन पर हमला कर दिया।
बच्चों के सामने बेरहमी की मारपीट, ड्राइवर घायल
पीड़ित ड्राइवर ने बताया कि उन्होंने कई बार हाथ जोड़कर कहा ,भाईसाहब, बच्चे बैठे हैं… मत मारिए
लेकिन जयसिंह ठाकुर का गुस्सा और बढ़ गया।
आरोप है कि उन्होंने उपेंद्र को लात-घूसों से बुरी तरह पीटा, जिससे : दाईं आंख के पास गहरी चोट
बाएं हाथ की कोहनी पर खरोंच
कंधे में सूजन
जैसी गंभीर चोटें आईं।
इस दौरान बस में बैठे छोटे-छोटे बच्चे डर के मारे रोने लगे और पूरी घटना उनके सामने ही होती रही।
स्कूल प्रिंसिपल ने नहीं की मदद, परिवार पर दबाव का आरोप
मारपीट के बाद जब उपेंद्र लोधी ने स्कूल प्राचार्य दिनेश दुबे को घटना की जानकारी दी, तो उनकी तरफ से किसी तरह की मदद नहीं मिली।
उपेंद्र का आरोप है कि जब उनके परिजन स्कूल पहुंचे, तो प्रबंधन की ओर से रिपोर्ट न दर्ज कराने का दबाव बनाया गया और मामले को पैसा देकर शांत कराने की कोशिश की गई।
हालांकि, पीड़ित ने दबाव से हटकर हिम्मत जुटाई और बण्डा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
थाना बण्डा पुलिस ने उपेंद्र की शिकायत पर:
धारा 296(बी)
धारा 115(2)
धारा 351(2)
के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्कूल प्राचार्य से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।








