विधानसभा में गूंजा बाबू जंडेल पर दर्ज एफआईआर का मामला : गांधी प्रतिमा के सामने शीर्षासन कर जताया विरोध, कांग्रेस ने बताया राजनीतिक विद्वेष
भोपाल। श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के खिलाफ दर्ज दो एफआईआर को लेकर शुक्रवार को विधानसभा में तीखी बहस देखने को मिली। शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक दल के सचेतक सोहनलाल बाल्मीक और पंकज उपाध्याय ने आरोप लगाया कि जंडेल को राजनीतिक दुर्भावना के तहत निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि दर्ज प्रकरणों को निरस्त किया जाए।
मामले को लेकर विधायक बाबू जंडेल ने विधानसभा परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने शीर्षासन कर विरोध दर्ज कराया। इस अनोखे प्रदर्शन से सदन का वातावरण कुछ समय के लिए गर्मा गया।
शिवरात्रि की शिव बारात से जुड़ा प्रकरण
बाबू जंडेल के खिलाफ शिवरात्रि के अवसर पर निकली शिव बारात के दौरान कथित हर्ष फायरिंग को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। इस पर स्पष्टीकरण देते हुए जंडेल ने बताया कि 15 फरवरी को उनके विधानसभा क्षेत्र में तीन दिवसीय यज्ञ का आयोजन हुआ था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत और ब्राह्मण शामिल हुए थे। विधिवत पूजा-अर्चना और भगवान की स्थापना के बाद शिव बारात निकाली गई।
उनके अनुसार, शोभायात्रा में पालकियों और घोड़ों पर संत सवार थे, फूलों की वर्षा और आतिशबाजी के बीच धार्मिक उत्साह का माहौल था। जंडेल ने कहा कि वे स्वयं घोड़े पर सवार थे और उनके पास ‘चढ़ीमार’ का एक दावती राउंड था। उन्होंने दावा किया कि धार्मिक उल्लास में केवल एक बार हर्ष फायर किया गया। साथ ही यह भी कहा कि उनके पास कोई अवैध हथियार नहीं था।
पहले दर्ज प्रकरण का भी जिक्र
विधायक ने यह भी बताया कि करीब तीन माह पहले गायों से जुड़े मुद्दे पर आंदोलन और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के दौरान भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। कांग्रेस का कहना है कि इस प्रकार के मामलों में पूर्व में उच्च न्यायालय से राहत मिलती रही है।
जब शून्यकाल में यह विषय उठाया गया तो विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रकरण को संज्ञान में लेकर शासन को भेज दिया गया है। हालांकि कांग्रेस विधायक इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और विरोध स्वरूप सदन से बहिर्गमन कर गए।
विधानसभा में गूंजा बाबू जंडेल पर दर्ज एफआईआर का मामला : गांधी प्रतिमा के सामने शीर्षासन कर जताया विरोध, कांग्रेस ने बताया राजनीतिक विद्वेष
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by Suraj Sen
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