नरवाई की चिंगारी बनी तबाही का कारण, किसान का घर खाक, मवेशियों को बचाने दौड़ी महिला झुलसी, तीन बछड़ों की दर्दनाक मौत
बीना। खिमलासा क्षेत्र के महेरा गांव में बुधवार शाम करीब 5 बजे एक दर्दनाक हादसे ने गरीब किसान परिवार को गहरी चोट दे दी। खेत में जलाई गई नरवाई से उठी आग अचानक भड़क उठी और देखते ही देखते किसान हरगोविंद लोधी के घर तक पहुंच गई। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में पूरा घर जलकर राख हो गया।
घटना के समय हरगोविंद की पत्नी घर के अंदर सो रही थीं। आग की तेज गर्मी महसूस होते ही उनकी नींद खुली। बाहर का मंजर देख वह घबरा गईं। घर के पास बंधे बछड़े आग की लपटों में घिर चुके थे। उन्हें बचाने के प्रयास में वह खुद आग की चपेट में आ गईं। काफी कोशिश के बावजूद वह सिर्फ एक बछड़े को ही छुड़ा पाईं, जबकि तीन बछड़े जिंदा जल गए। महिला गंभीर रूप से झुलस गईं, जिन्हें तत्काल सागर रेफर किया गया है।
बताया जा रहा है कि घर की छत पर प्लास्टिक की चादर बिछी थी, जिसने आग को और भड़काने का काम किया। तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैलती चली गई और घर में रखा अनाज, कपड़े, साइकिल, सिलाई मशीन और मोबाइल समेत सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। हादसे के बाद परिवार के पास न खाने का कोई सामान बचा है और न ही पहनने के कपड़े।
सूचना मिलते ही डायल 112 और नगर पालिका की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने भी आग बुझाने में पूरा सहयोग दिया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। यदि समय रहते आग नहीं बुझती, तो आसपास के अन्य घर भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
पीड़ित परिवार की बहू कमलेश लोधी के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला और देखते ही देखते सब कुछ खत्म हो गया।








