नाबालिगों से चोरी मोटरसाइकिल करवाने वाला मास्टरमाइंड सहित तीन आरोपी गिरफ्तार
सागर। थाना प्रभारी गोपालगंज के नेतृत्व में पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों मे सफलता हासिल की है।14 जनवरी को फरियादी रामपाल सिंह लोधी द्वारा थाना गोपालगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उनकी नीले रंग की पैशन प्रो मोटर साइकिल को अज्ञात व्यक्ति द्वारा चैतन्य अस्पताल के सामने से चोरी हो गई है। अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान थाना गोपालगंज एवं पुलिस कंट्रोल रूम के सहयोग से चैतन्य अस्पताल के सामने लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच कराई गई। कंट्रोल रूम में तैनात उप निरीक्षक रेडियो आरकेएस चौहान के कुशल निर्देशन एवं तकनीकी सतर्कता में आरक्षक दशरथ थाना गोपालगंज द्वारा फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया, जिसमें एक व्यक्ति दो अन्य युवकों को मोटर साइकिल चोरी के संबंध में समझाते हुये स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान कर उसे सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल किया गया, जिससे शीघ्र ही उसकी पहचान भोलू पांडे उर्फ कुलदीप पांडे के रूप में हुई। जिस पर थाना प्रभारी गोपालगंज घनश्याम शर्मा ने कार्यवाही करते हुये टीम बनाकर आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी भोलू पांडे ने स्वीकार किया कि उसने दो नाबालिग लड़कों के माध्यम से उक्त पैशन प्रो मोटर साइकिल चोरी करवाई थी। उनकी निशानदेही पर मोटरसाइकिल क्र. एमपी 15 एनएम 7283 बरामद की गई। इसके पश्चात जब आरोपी से गहन एवं वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई तो उसने नानू उर्फ राज शुक्ला एवं बाली उर्फ साहब अहिरवार के साथ मिलकर अन्य मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों को अंजाम देना भी स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिनकी निशानदेही पर कुल चार चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। सभी वाहन ग्राम बड़तुमा थाना मकरोनिया क्षेत्र से बरामद किये गये। गिरफ्तार आरोपियों में भोलू उर्फ कुलदीप पांडे पिता राजकुमार पाण्डेय निवासी कॉलेज के पास बड़तुमा थाना मकरोनिया, नानू उर्फ राज शुक्ला पिता रमाकांत शुक्ला 20 वर्ष निवासी बजरंग बली मंदिर के पास बड़तुमा थाना मकरोनिया, बाली उर्फ साहब अहिरवार पिता पुट्टी अहिरवार 22 वर्ष निवासी नई बस्ती कंट्रोल के पास बड़तुमा थाना मकरोनिया एवं अन्य 2 नाबालिग सभी आरोपियों के विरुद्ध विधि संगत कार्यवाही जारी है। इस संपूर्ण कार्यवाही में सीसीटीवी तकनीक, कंट्रोल रूम की सतर्क मॉनिटरिंग और पुलिस टीम की उत्कृष्ट समन्वय क्षमता निर्णायक सिद्ध हुई। उप निरीक्षक आरकेएस चौहान पुलिस कंट्रोल रूम द्वारा दिये गये तकनीकी सहयोग एवं त्वरित दिशा निर्देशों से ही इस पूरे चोरी गिरोह का पर्दाफाश संभव हो सका। उक्त कार्यवाही में राजकुमार सिंह चौहान, अयूब खान, हरिओम तिवारी, दीपक व्यास, अनिल प्रभाकर, गौतम भट्ट, अनंत, जयसिंह आदि का योगदान रहा।








