चार साल से अधूरी जलाशय परियोजना पर भड़का ग्रामीणों का गुस्सा, पानी की मांग को लेकर हाईवे पर लगाया जाम
सागर/गौरझामर। विकास कार्यों और जनकल्याण योजनाओं के दावों के बीच केसली विकासखंड के ग्राम पठा खुर्द में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। गांव में चार वर्ष पहले शुरू की गई जलाशय निर्माण परियोजना आज तक पूरी नहीं हो पाई है, जिससे सैकड़ों परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ हालात और गंभीर हो गए हैं तथा लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पानी जुटाने में संघर्ष करना पड़ रहा है।
सोमवार को पानी की समस्या से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने केसली स्टेट हाईवे पर पहुंचकर चक्काजाम किया और प्रशासन सहित संबंधित विभागों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के कारण मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2022 में जलाशय निर्माण कार्य शुरू किया गया था। उस समय दावा किया गया था कि परियोजना 18 महीने के भीतर पूरी हो जाएगी, लेकिन चार साल गुजर जाने के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत वाली इस योजना का लाभ अब तक गांव को नहीं मिल पाया है, जबकि पानी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
गांव के लोगों के अनुसार स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच पेयजल की व्यवस्था करना ग्रामीणों के लिए रोज की चुनौती बन गया है। उनका कहना है कि यदि जलाशय समय पर बनकर तैयार हो जाता तो गांव को इस संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जल संकट को लेकर वे कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंप चुके हैं। इसके बावजूद समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों के मुताबिक हर बार केवल आश्वासन मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों की उदासीनता के कारण परियोजना वर्षों से अधूरी पड़ी है, जिसका खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है।
चक्काजाम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि जलाशय निर्माण कार्य शीघ्र पूरा नहीं कराया गया और पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।
फिलहाल गांव के लोगों की सबसे बड़ी मांग यही है कि अधूरी पड़ी जलाशय परियोजना को जल्द पूरा कर उन्हें पेयजल संकट से राहत दिलाई जाए।








