बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर थाना क्षेत्र से मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। ग्राम आमगांव के मुख्य चौक पर एक युवक ने दिनदहाड़े एक युवती की गला रेतकर हत्या कर दी। यह घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि वहां मौजूद भीड़ में से किसी ने भी युवती को बचाने की हिम्मत नहीं दिखाई।
बस का इंतजार कर रही थी युवती
जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान शीतल भंडारकर (22), निवासी आमगांव के रूप में हुई है। शीतल बैहर में स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान में कार्यरत थी और हर दिन की तरह मंगलवार सुबह करीब 10 बजे बस पकड़ने के लिए आमगांव चौक पर पहुंची थी। उसी दौरान वहां शराब के नशे में धुत एक युवक आया और उससे बातचीत करने लगा।
बातों-बातों में हमला, गला रेतकर उतारा मौत के घाट
कुछ मिनटों की बातचीत के बाद आरोपी अचानक आपा खो बैठा और अपने साथ रखे चाकू से शीतल पर वार करने लगा। युवक ने बेरहमी से उसका गला रेत दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ने युवती का सिर अपनी गोद में रख लिया और वहीं बेसुध होकर बैठ गया।
वीडियो बनाते रहे लोग, नहीं दिखाई किसी ने इंसानियत
घटना स्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने इस भयावह दृश्य का वीडियो बना लिया, लेकिन किसी ने भी आगे बढ़कर युवती की जान बचाने की कोशिश नहीं की। इस अमानवीय दृश्य ने समाज की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया।
पुलिस ने किया आरोपी को गिरफ्तार
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। बैहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। बताया गया कि युवक ने हत्या के बाद खुद को भी घायल कर लिया था, जिसके चलते उसे उपचार के लिए बैहर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रेम प्रसंग से जुड़ा लग रहा मामला
इस सनसनीखेज हत्याकांड पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत होता है। आरोपी कथित रूप से युवती से एकतरफा प्रेम करता था और किसी विवाद के चलते उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए बैहर अस्पताल भेज दिया है। वहीं, आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि वारदात के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।
यह वारदात न केवल एक प्रेम प्रसंग की भयावह परिणति है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भीड़ की मौजूदगी में भी इंसानियत कैसे दम तोड़ देती है।








