नौरादेही रेंज में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 120 नग अवैध लकड़ी जप्त,वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की नौरादेही रेंज पुरैना बीट का मामला
विशाल रजक/ तेंदूखेड़ा। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले रेंज नौरादेही की बीट पुरैना में वन विभाग द्वारा अवैध लकड़ी संग्रहण के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की गई है। विभाग को प्राप्त मुखबिर की सूचना के आधार पर 16 अप्रैल 2026 को त्वरित एवं योजनाबद्ध कार्रवाई की गई, जिसमें अवैध रूप से संग्रहित लगभग 120 नग लकड़ी (करीब 6 घन मीटर) जप्त की गई। जप्त लकड़ी में सागवान सहित अन्य बहुमूल्य प्रजातियों की लकड़ी शामिल है। इस संबंध में वन विभाग द्वारा प्रकरण क्रमांक 422/01, दिनांक 17 अप्रैल को विधिवत दर्ज किया गया है। उक्त प्रकरण भारतीय वन अधिनियम, 1927 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया है। विभाग द्वारा इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रियता और सतर्कता के परिणामस्वरूप यह कार्रवाई संभव हो सकी। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर लकड़ी को जप्त किया तथा आवश्यक साक्ष्य संकलित किए। मामले की विस्तृत जांच वर्तमान में जारी है, जिसके तहत संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा की अवैध कटाई, परिवहन एवं संग्रहण जैसे अपराधों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस प्रकार की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा लगातार निगरानी एवं गश्त बढ़ाई जा रही है। साथ ही, वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। यदि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, जैसे पेड़ों की कटाई, लकड़ी का अवैध परिवहन या शिकार की सूचना प्राप्त हो, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें। जनसहयोग से ही वन संपदा की रक्षा संभव है और पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सकता है।
बाघों की मौजूदगी भी नहीं आ गया काम
वहीं टाइगर रिजर्व में इन दिनों बाघ बाघिन और उनका कुनबा भी खुले में घूम रहे हैं जब इन बाघों को बीते वर्ष 2018 में नौरादेही अभ्यारण्य के समय यहां पर लाया जा रहा था उस दौरान डीएफओ सीसीएफ यह बात कह रहे थे कि बाघों की मौजूदगी का असर अवैध कटाई की रोकथाम में होगा लेकिन ऐसा नहीं होना सामने आ रहा है जिस स्तर पर टाइगर में कटाई का सिलसिला चल रहा है उससे यह बात साफ जाहिर है कि अवैध कटाई करने वाले आरोपियों को बाघों की मौजूदगी से कोई फर्क नहीं पड़ता है उलटा बाघों की सुरक्षा को ऐसे में खतरा अवश्य सामने आ रहा है

भारी भरकम सागौन के लिए जाना जाता है टाइगर रिजर्व
टाइगर रिजर्व पहले नौरादेही अभ्यारण्य हुआ करता था जिसकी स्थापना 1975 में की गई थी टाइगर रिजर्व तीन जिले की सीमा में फैला हुआ है जिसमें दमोह सागर व नरसिंहपुर जिला शामिल है टाइगर में काफी पुरानी भारी
भरकम वृक्ष लगे हुए हैं जबकि काफी संख्या में ऐसे ही पेड़ों की कटाई हो चुकी है स्थिति यह है कि कभी सागौन के लिए अपनी पहचान बनाने वाले इस टाइगर रिजर्व (नौरादेही अभ्यारण्य) में अब सागौन विलुप्त होने की कगार की ओर अग्रसर हो चला है।

वन विभाग भी कार्रवाई में लगातार सक्रिय प्रतिदिन टाइगर रिजर्व में गश्ती
वहीं टाइगर रिजर्व में बाघों और अन्य जानवरों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग भी सक्रिय हैं और लगातार रिजर्व के अंदर अपनी नजर बनाए हुए हैं साथ ही दिन-रात टाइगर रिजर्व में गश्ती कर रहा है जहां माफियाओं को अपने मकसद में कामयाब नहीं होने दे रहे हैं और लगातार कार्रवाई कर रहे हैं वहीं टाइगर रिजर्व की हर गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं जहां टाइगर रिजर्व के 6 रेंजों के वन परिक्षेत्र अधिकारियों द्वारा भी ओर जानवरों पर सुरक्षा नजर बनाए हुए हैं। टाइगर रिजर्व में इन दिनों बड़ी संख्या में शाकाहारी और मांसाहारी जानवर मौजूद हैं
इनका कहना –
इस संबंध में वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार ने कहा कि वन विभाग भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रखते हुए वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करेगा








