सागर : ऑटो में छूटी 3 लाख की पीएफटी मशीन 6 घंटे में बरामद
सागर। पुलिस ने एक गरीब युवक के रोजगार के साधन को चंद घंटों में सुरक्षित वापस लौटाया है। अति. पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में कंट्रोल रूम की टीम ने तत्परता दिखाते हुये ऑटो में छूटी करीब 3 लाख रुपये की मशीन बरामद कर उसे उसके असली मालिक तक पहुंचाया। मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे पंकज दुबे जो सिप्ला कंपनी में ब्रीथ फ्री एजुकेटर के पद पर कार्यरत हैं, बदहवास हालत में कंट्रोल रूम पहुंचे। उन्होंने रोते हुये बताया कि वह मकरोनिया से ऑटो लेकर मेडिकल कॉलेज के पास जा रहे थे, लेकिन बस स्टैंड पर उतरते समय उनका बैग ऑटो में ही छूट गया। बैग में पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट मशीन थी, जिसकी कीमत लगभग 2.80 लाख से 3 लाख रुपये के बीच है। पंकज की मासिक आय मात्र 15,000 रुपये है। उनके लिये यह मशीन न केवल महंगी थी, बल्कि उनके रोजगार का एक मात्र साधन भी थी। युवक की पीड़ा और उसकी स्थिति को देखते हुये अति. पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कंट्रोल रूम प्रभारी आरकेएस चौहान और स्टाफ को सक्रिय होकर बैग खोजने के निर्देश दिये। महिला आरक्षक रेखा रजक एवं योगेश ने बिना समय गंवाये बस स्टैंड और मकरोनिया मार्ग के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संबंधित ऑटो की पहचान की गई। ऑटो के फुटेज और जानकारी को तत्काल पुलिस के सभी गु्रपों में वायरल किया और शहर के सभी फिक्स पिकेट्स व थानों को अलर्ट भेजा गया। पुलिस की सक्रियता और सूचना के प्रसार के चलते जब ऑटो चालक को जानकारी मिली, तो उसने चेक किया और पाया कि बैग सुरक्षित है। लगातार 6 घंटे की मशक्कत के बाद ऑटो चालक को थाना गोपालगंज बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में बैग की जांच की गई, जिसमें कीमती पीएफटी मशीन पूरी तरह सुरक्षित और चालू हालत में मिली। जैसे ही पंकज दुबे को उनकी मशीन वापस मिली, जो युवक सुबह गम के आंसू रो रहा था, उसके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। पंकज ने अति. पुलिस अधीक्षक एवं कंट्रोल रूम के समस्त स्टाफ की प्रशंसा करते हुए पुलिस प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया।








