होम देश / विदेश मध्यप्रदेश राजनीति धर्म/अध्यात्म ऑटोमोबाइल सरकारी योजना खेल समाचार
By
On:

अस्पताल बना रेफर सेंटर : न डॉक्टर, न एंबुलेंस,मरीजों की जिंदगी भगवान भरोसे

सेंटर बना स्वास्थ्य केंद्र डाक्टरों ...

[post_dates]

Sub Editor

Published on:

whatsapp

सेंटर बना स्वास्थ्य केंद्र डाक्टरों की कमी से मरीज परेशान जिम्मेदारी अधिकारी भी नहीं दे रहे ध्यान भगवान भरोसे चल रहा सब काम

मरीजों को नहीं मिल रहा 108 वाहन का लाभ प्राइवेट वाहन ले जाते हैं दमोह जबलपुर विधायक निधि से मिली एंबुलेंस बीते सालों से गायब किसी को नहीं खबर 

रिपोर्ट – विशाल रजक..

तेंदूखेड़ा।  नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टरों की कमी के कारण मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज की उम्मीद में बड़ी संख्या में पहुंचने वाले मरीजों को अपेक्षित चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही है स्वास्थ्य केंद्र में प्रथम श्रेणी के विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहते हैं यहां पर सिर्फ दो ही डॉक्टर नजर आते हैं किसी दिन कोई और तो किसी दिन कोई और यहां डाक्टरों की व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां की चिकित्सा व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है स्टेट हाईवे होने के कारण यहां पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है किंतु यहां पर घायलों को अच्छा इलाज नहीं मिलने के कारण जबलपुर रेफर किया जाता है जिसके कारण घायलों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है जिसकी वजह से मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है स्थानीय जनों ने नगर के स्वास्थ्य केंद्र में फैली इन अवस्थाओं की शिकायतें कई बार जिम्मेदारी से की गई लेकिन आज तक कोई सुनवाई और सुधार नहीं हुआ है जिसका खामियाजा मरीजों और उनके परिजनों को भुगतान पड़ रहा है 

प्रसव के लिए नहीं है महिला चिकित्सक

सरकार भले ही महिला स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का दावा कर रही है लेकिन इस स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के लिए एक भी महिला चिकित्सक नहीं है परिणामस्वरूप प्रसव के दौरान जरा सी जटिलता होने पर मरीजों को जबलपुर या फिर दमोह रेफर करना पड़ता है जिससे गर्भवती महिलाओं की जान जोख़िम में पड़ जाती है यहां पर गर्भवती महिलाएं जांच कराने पहुंची तो उन्हें एएनएम या फिर नर्सों द्वारा जांच की जाती है जहां महिलाओं को जांच का सही पता नहीं चलता है और फिर दमोह या जबलपुर में जांच कराने जाना पड़ता है कई बार गर्भवती महिलाओं को पुरुष डाक्टरों द्वारा जांच व चेकअप किया जाता है जहां वो कई समस्याओं को खुलकर नहीं बता पाती है

रेफर सेंटर बना स्वास्थ्य केंद्र

वहीं तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र में गंभीर मरीजों और घायलों के अलावा यहां पर छोटी-मोटी घटनाओं में घायल हुए लोगों को भी बाटल इंजेक्शन लगाकर व मलहम पट्टी करके उपचार कर खानापूर्ति कर ली जाती है उसके बाद जबलपुर रेफर कर दिया जाता जबकि व मरीज रेफर होने लायक नहीं होता है फिर यहां पर आने वाले मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र रेफर सेंटर केंद्र बना हुआ है यहां अच्छे डाक्टरों नहीं होने व मरीजों को इलाज न मिलने के कारण उन्हें जिला अस्पताल या फिर जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है ऐसे में मरीजों के परिजनों को कई परेशानियों से गुजरना पड़ता है जिसमें उन्हें समय पर 108 वाहन नहीं मिलने से घंटों इंतजार करना पड़ता है या फिर मरीज की हालत को देखते हुए 2000 से2500 में प्राइवेट वाहन करना पड़ता है तब जाकर मरीजों को इलाज के लिए दमोह या फिर जबलपुर ले जाते हैं

एक डाक्टर का बटियागढ़ अटैचमेंट

वहीं स्वास्थ्य केंद्र में ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करने वाले डॉक्टर अमन सोनी का अटैचमेंट बटियागढ में किया गया है जबकि सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तेंदूखेड़ा में पदस्थ हैं जबकि उनकी पदस्थापना तेंदूखेड़ा में है सवाल यह उठ रहा है कि तेंदूखेड़ा में ही डाक्टरों की कमी है तो फिर डॉ अमन सोनी का अटैचमेंट क्यों बटियागढ़ किया गया है जबकि तेंदूखेड़ा मुख्यालय से 50 किया दूर सर्रा में पदस्थ डॉक्टर संजय विश्वकर्मा से तेंदूखेड़ा में ही सेवाएं ली जा रही है जब इस संबंध में सर्रा में पदस्थ डॉक्टर संजय विश्वकर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मेरी पदस्थापना 3 वर्ष से सर्रा में है लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तेंदूखेड़ा में डाक्टरों की कमी तथा मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण मुझे यहां पर सेवाएं देना पड़ रही है लेकिन मैं कभी कभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सर्रा भी जाता हूं

समय पर नहीं मिल पाता 108 का लाभ विधायक प्रतिनिधि ने मिली एंबुलेंस भी गायब

वहीं तेंदूखेड़ा में मरीजों को एंबुलेंस के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है जिसके कारण मरीजों को परिजन प्राइवेट वाहन की सुविधा करके स्वास्थ्य केंद्र लाते हैं या फिर रेफर के दौरान दमोह जबलपुर ले जाते हैं अनेक बार एंबुलेंस के ड्राइवर लोकेशन भी बंद कर लेते हैं जिससे चिकित्सक और मरीजों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है वहीं दूसरी ओर कोरोना काल के दौरान क्षेत्रीय विधायक एवं राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी द्वारा विधायक निधि से स्वास्थ्य केंद्र को एक एंबुलेंस दी गई थी लेकिन बीते 4 से5 साल से एंबुलेंस गायब है इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं है कि एंबुलेंस आखिरी कहा है कहा नहीं वहीं स्वास्थ्य केंद्र में रोगी कल्याण समिति की बैठक के दौरान भी एंबुलेंस की चर्चा ना ही अधिकारी करते हैं ना कि विधायक जी पूछते हैं कि आखिर एंबुलेंस कहा है इस संबंध में जब क्षेत्रीय विधायक एवं राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी से संपर्क किया तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया जिसके कारण स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बात नहीं हो सकी 

वहीं स्वास्थ्य केंद्र के सीबीएमओ डॉ अशोक बड़ोनिया से संपर्क किया गया तो उनका मोबाइल फोन व्यस्त आता रहा उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया ना ही रिटर्न किया जिसके कारण उनसे बात नहीं हो सकी 

इस संबंध में तेंदूखेड़ा एसडीएम सीजी गोस्वामी से बात की गई तो उन्होंने कहा अगर एंबुलेंस गायब है तो मैं बीएमओ से पता करता हूं साथ ही स्वास्थ्य केंद्र व्यवस्थाओं को सुधारने कहता हूं : सीजी गोस्वामी एसडीएम तेंदूखेड़ा

Join our WhatsApp Group
Sub Editor

मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
प्रमुख खबरें
View All
error: RNVLive Content is protected !!