दुष्कर्म केस में आरोपी बरी: जानिए कोर्ट ने किन आधारों पर सुनाया फैसला
ग्वालियर। थाना महाराजपुरा क्षेत्र में दर्ज चर्चित दुष्कर्म प्रकरण में 24वें अतिरिक्त सत्र एवं विशेष न्यायाधीश केशव सिंह की अदालत ने आरोपी राहुल प्रजापति को आरोपों से मुक्त कर दिया है। यह मामला 10 जून 2023 को पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा था।
शिकायत में पीड़िता ने बताया था कि उसकी मुलाकात राहुल से आरोग्यधाम में हुई थी, जहां वह कार्यरत था। आरोप के अनुसार, 19 फरवरी 2021 को आरोपी ने उसे होटल जेएस पैलेस बुलाया और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। साथ ही शादी का वादा कर उसे अपने साथ रखा।
पीड़िता ने यह भी कहा था कि वह और आरोपी करीब तीन वर्षों तक साथ रहे, इस दौरान वह दो बार गर्भवती हुई और दोनों बार गर्भपात कराया गया। 2 जून 2023 को आरोपी द्वारा शादी से इनकार किए जाने के बाद उसने मामला दर्ज कराया।
सुनवाई में सामने आए तथ्य
मामले की सुनवाई के दौरान कई अहम बातें सामने आईं। अदालत में यह तथ्य रखा गया कि पीड़िता लंबे समय तक आरोपी के साथ अपनी सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। होटल के संचालक जितेंद्र सिंह लोधी ने गवाही में बताया कि घटना वाले दिन होटल में दो युवक और दो युवतियां एक साथ ठहरे थे।
वहीं, डॉक्टर माधुरी शर्मा द्वारा प्रस्तुत मेडिकल रिपोर्ट में न तो जबरदस्ती के स्पष्ट प्रमाण मिले और न ही गर्भपात से जुड़े ठोस साक्ष्य सामने आए। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने यह भी स्वीकार किया कि उसने आरोपी के साथ कोर्ट मैरिज करने की बात अपने परिवार को बताई थी और वह अपनी इच्छा से उसके साथ रह रही थी।
अदालत का फैसला
उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि यह मामला आपसी सहमति और प्रेम संबंध से जुड़ा है, न कि बलपूर्वक बनाए गए संबंध का। अभियोजन पक्ष आरोपों को प्रमाणित करने में असफल रहा, जिसके चलते अदालत ने आरोपी राहुल प्रजापति को सभी आरोपों से बरी कर दिया।








