होम देश / विदेश मध्यप्रदेश राजनीति धर्म/अध्यात्म ऑटोमोबाइल सरकारी योजना खेल समाचार
By
On:

झूले का खेल बना काल: देवरी में 14 वर्षीय देवांश की दर्दनाक मौत, मां का इकलौता सहारा छिना

झूले का खेल बना काल: ...

[post_dates]

संपादक

Published on:

whatsapp

झूले का खेल बना काल: देवरी में 14 वर्षीय देवांश की दर्दनाक मौत, मां का इकलौता सहारा छिना

सागर जिले के देवरी इलाके से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है,जहां एक मासूम की जान झूला झूलने के दौरान चली गई। यहां देवरी के झुंनकू वार्ड में रहने वाले 14 वर्षीय देवांश यादव पिता दीपक यादव की झूला झूलने के दौरान रस्सी गले में फंसी और देखते ही देखते उसकी जान चली गई

प्राप्त जानकारी के अनुसार,देवांश यादव घर के पास लगे एक पीपल के पेड़ पर बंधी रस्सी से झूलने का प्रयास कर रहा था। बताया जा रहा है कि वह घर की छत से खड़े होकर झूला झूल रहा था,तभी अचानक संतुलन बिगड़ गया और रस्सी उसके गले में फंस गई। कुछ ही पलों में यह खेल एक भयावह हादसे में बदल गया। जहां गले में फांसी का फंदा लगने से नाबालिग की मौत हो गई
घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी। परिजन गंभीर हालत में देवांश को देवरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
इस खबर के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया।
बताया जा रहा है कि देवांश अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसके पिता दीपक यादव का कुछ साल पहले ही निधन हो चुका है,ऐसे में मां के लिए यह सदमा असहनीय है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

बहरहाल यह हादसा बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी भी देता है कि खेल-खेल में जरा सी लापरवाही कितनी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

Join our WhatsApp Group
संपादक

हमारे बारे में योगेश दत्त तिवारी पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और मीडिया की दुनिया में एक विश्वसनीय और सशक्त आवाज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अपने समर्पण, निष्पक्षता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के चलते उन्होंने पत्रकारिता में एक मजबूत स्थान बनाया है। पिछले 15 वर्षों से वे प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'देशबंधु' में संपादक के रूप में कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है और पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा है। उनकी लेखनी न सिर्फ तथ्यपरक होती है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करती है। योगेश दत्त तिवारी का उद्देश्य सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने हमेशा युवाओं को जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए प्रेरित किया है और पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना है। उनकी संपादकीय दृष्टि, विश्लेषणात्मक क्षमता और निर्भीक पत्रकारिता समाज के लिए प्रेरणास्रोत रही है।
प्रमुख खबरें
View All
error: RNVLive Content is protected !!