MP : जंगल के बीच अब नहीं गूंजेगा शोर! वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सरकार का बड़ा फैसला, रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में बनेगा साउंडप्रूफ फ्लाईओवर..
विशाल रजक / तेंदूखेड़ा। दमोह से जबलपुर के बीच जो एनएच-34 है, उसको अपग्रेड करने का काम शुरू होने वाला है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से पहले ही इसमें बड़ा बदलाव किया गया है। यह बदलाव वन्य जीवों को देखते हुए किया गया है। इसके तहत वन्य जीवों को सुरक्षित रखने के लिए रानी दुर्गावती अभयारण्य में 3.5 किलोमीटर लंबा साउंडप्रूफ फ्लाई ओवर बनाया जाएगा। साउंडप्रूफ फ्लाईओवर बनाने का मकसद वन्यजीवों पर सड़क के शोर और आवाजाही के असर को कम करना है ताकि ऊपर से गुजर रहे वाहनों के कारण वन्यजीवों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। यह हाईवे परियोजना साल 2022 से प्रस्तावित है और इसकी लंबाई करीब 100 किलोमीटर है। शुरुआत में इसे सामान्य सड़क के रूप में तैयार किया जाना था, लेकिन वन क्षेत्र से गुजरने की
वजह से पर्यावरणीय मंजूरियों में देरी होती रही। अब डिजाइन में बदलाव करते हुए फ्लाईओवर का विकल्प चुना गया है, ताकि जंगल और वन्य जीवों को कम से कम नुकसान पहुंचे
प्रोजेक्ट की बढ़ जाएगी लागत
पहले इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 335 करोड़ रुपए आंकी गई थी, जो बाद में बढ़कर लगभग 990 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। अब साउंडप्रूफ फ्लाईओवर जोड़ने के बाद लागत में और बड़ा इजाफा होगा और यह प्रोजेक्ट करीब दो हजार करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। फ्लाईओवर के निर्माण से बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई से भी बचा जा सकेगा। बताया जा रहा है कि करीब 4600 पेड़ों को काटने की बजाय स्थानांतरित किया जाएगा
सड़क डिजाइन भी बदलेगा
सड़क की डिजाइन में भी बदलाव किया गया है। पहले दमोह से अभाना तक करीब 20 मीटर चौड़ी फोरलेन सड़क प्रस्तावित थी, लेकिन स्थानीय आबादी और वन क्षेत्र को देखते हुए इसे कुछ हिस्सों में कम चौड़ा किया गया है। कई स्थानों पर सड़क की चौड़ाई 10-10 मीटर तक सीमित रखने की योजना है, ताकि कम से कम पेड़ प्रभावित हों। इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास पहले ही किया जा चुका है, लेकिन वन एवं वन्यजीव से जुड़ी अंतिम मंजूरी अभी बाकी है। माना जा रहा है कि नेशनल वाइल्डलाइफ बोर्ड से अनुमति मिलने के बाद ही निर्माण कार्य पूरी तरह शुरू हो सकेगा

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने किया था भूमिपूजन
तत्कालीन सांसद प्रहलाद पटेल ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के सामने इस सड़क को एनएचएआई में शामिल कराने का प्रस्ताव रखा था। ओरछा और जबलपुर में केंद्रीय परिवहन मंत्री गड़करी ने इस सड़क का भूमिपूजन किया था। करीब 100 किमी लंबी इस सड़क में 74 किमी सामान्य क्षेत्र और 26 किमी हिस्सा जंगल से होकर गुजरता है
इनका कहना
एनएचएआई के महाप्रबंधक अमृतलाल साहू के अनुसार प्रोजेक्ट वन विभाग की पहली मंजूरी पार कर चुका है, लेकिन अभी वाइल्ड लाइफ एनओसी मिलना बाकी है। इसके बिना न तो टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी और न ही निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा








