सड़क पर गिरा विशाल पेड़, 12 घंटे बाधित रहा आवागमन, लोक निर्माण विभाग की सुस्ती, ग्रामीणों की तत्परता से खुला मार्ग
जाम में फंसे रहे मरीज और यात्री, ग्रामीणों ने काटकर हटाया पेड़
तेंदूखेड़ा। नगर से लगभग 15 किलोमीटर दूर तेंदूखेड़ा तारादेही मुख्य मार्ग पर कोडल तिगड्डा के समीप सोमवार रात्रि करीब 11 बजे एक विशाल पेड़ तेज हवा के कारण सड़क पर गिर गया। पेड़ के मुख्य मार्ग पर गिर जाने से रात से ही आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। मंगलवार सुबह तक मार्ग से पेड़ नहीं हटाए जाने के कारण दोनों ओर बसें, ट्रक एवं अन्य छोटे-बड़े वाहन जाम में फंसे रहे, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम में फंसी बसों में कुछ ऐसे यात्री भी सवार थे जो उपचार के लिए जबलपुर एवं दमोह जा रहे थे। घंटों तक मार्ग अवरुद्ध रहने के कारण वे समय पर चिकित्सकों तक नहीं पहुंच सके। यात्रियों ने इस स्थिति के लिए लोक निर्माण विभाग की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
सामाजिक कार्यकर्ता राहुल चौकसे ने बताया कि सुबह होते ही उन्होंने तेंदूखेड़ा पहुंचकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को घटना की जानकारी देने का प्रयास किया, लेकिन विभाग का कोई भी अधिकारी मुख्यालय पर उपस्थित नहीं मिला। उनका कहना है कि अन्य विभागों के अधिकारी, जैसे एसडीएम, एसडीओपी एवं वन विभाग के अधिकारी नगर में रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, जबकि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मुख्यालय पर नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहते और केवल कभी-कभार एवं जनसुनवाई मैं ही दिखते हैं
मार्ग बंद होने से बढ़ती परेशानी को देखते हुए आसपास के ग्रामीणों ने स्वयं पहल करने का निर्णय लिया। सुबह लगभग 8 बजे से धन्नूसीग, मतिराम, चन्नू मरकाम सहित अन्य ग्रामीण कुल्हाड़ियां लेकर मौके पर पहुंचे और पेड़ को काटकर मार्ग से हटाने का कार्य शुरू किया। ग्रामीणों की अथक मेहनत एवं सामूहिक प्रयासों के फलस्वरूप लगभग सुबह 10:30 बजे पेड़ को हटाकर आवागमन पुनः सुचारु कराया जा सका।
दरौली सरपंच डालसीग ठाकुर राहुल चौकसे ने बताया कि अन्य लोगों घटना की सूचना दिए जाने के बावजूद न तो लोक निर्माण विभाग का कोई कर्मचारी और न ही कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण स्वयं आगे नहीं आते तो मार्ग और अधिक समय तक बाधित रह सकता था तथा यात्रियों की परेशानियां बढ़ जातीं। उन्होंने यह भी बताया कि बसों में बीमार लोग सवार थे, जिन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह 11 बजे तक विभाग का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी मौके पर पहुंचा था और मार्ग को ग्रामीणों के प्रयासों से ही चालू कराया गया।घटना के बाद क्षेत्रीय नागरिकों ने मांग की है कि लोक निर्माण विभाग आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं के दौरान आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
इनका कहना
वहीं इस संबंध में लोक निर्माण विभाग की एसडीओ मनीषा मोगनिया से संपर्क किए जाने पर उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कर्मचारियों एवं मजदूरों को मौके पर भेजा गया था और उनके द्वारा पेड़ हटाने की कार्रवाई की गई।








