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पति की मौत के बाद 50 हजार की आस में भटक रही विधवा, 3 साल से बैंक-नगर परिषद के चक्कर जारी

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पति की मौत के बाद 50 हजार की आस में भटक रही विधवा, 3 साल से बैंक-नगर परिषद के चक्कर जारी

तेंदूखेड़ा। नगर परिषद  क्षेत्र की एक गरीब विधवा महिला पिछले तीन वर्षों से प्रधानमंत्री आवास योजना की अंतिम किस्त प्राप्त करने के लिए नगर परिषद और बैंक के चक्कर काटने को मजबूर है। महिला का आरोप है कि अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों के अलग-अलग दावों के कारण वह लगातार परेशान हो रही है, लेकिन उसकी समस्या का समाधान आज तक नहीं हो पाया है। वार्ड क्रमांक 14 निवासी सुमत बाई नाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उनके पति स्वर्गीय सुखचैन नाथ के नाम पर आवास स्वीकृत हुआ था। प्रारंभिक किस्तें मिलने के बाद परिवार ने अपनी जमा पूंजी और उधार लेकर मकान का निर्माण कार्य पूरा कर लिया। इसी दौरान उनके पति का निधन हो गया, जिसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। सुमत बाई का कहना है कि आवास निर्माण पूर्ण होने के बावजूद योजना की अंतिम किस्त, लगभग 50 हजार रुपये, आज तक उनके खाते में नहीं पहुंची है। वर्ष 2022 से वह लगातार नगर परिषद कार्यालय और संबंधित बैंक शाखा के चक्कर लगा रही हैं। नगर परिषद के कर्मचारी उन्हें बताते हैं कि राशि उनके खाते में भेजी जा चुकी है, जबकि बैंक अधिकारियों का कहना है कि संबंधित खाते में ऐसी कोई राशि प्राप्त नहीं हुई है। नगर परिषद और बैंक के विरोधाभासी जवाबों के बीच महिला असमंजस और परेशानी की स्थिति में है। कई बार आवेदन और शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आर्थिक रूप से कमजोर सुमत बाई मजदूरी कर अपना जीवनयापन करती हैं। उनका कहना है कि अंतिम किस्त नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के इस दौर में, जब लोग आवश्यक कामों के अलावा घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं, तब सुमत बाई प्रतिदिन वार्ड क्रमांक 14 से पैदल नगर परिषद और बैंक पहुंचती हैं। कई बार उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। गुरुवार को भी वह अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचीं, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। जाते-जाते उन्होंने अपनी पीड़ा मीडिया के सामने रखी और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। अब सवाल यह है कि यदि राशि जारी की जा चुकी है तो वह आखिर गई कहां? प्रशासन से अपेक्षा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर महिला को उसकी लंबित राशि दिलाई जाए, ताकि उसे वर्षों से चली आ रही परेशानी से राहत मिल सके।  इस संबंध में नगर परिषद के उपयंत्री भूपेंद्र सींग ने कहा कि महिला को उनके पास भेजा जाए। वे पूरे मामले का स्टेटमेंट निकलवाकर जांच करेंगे और पता लगाएंगे कि राशि किस खाते में भेजी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
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