सागर-मालथौन राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेसहारा गौवंश की मौतों का सिलसिला जारी, जिम्मेदार मौन
मालथौन। सागर-मालथौन राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेसहारा गौवंशीय पशुओं की लगातार हो रही मौतें चिंता का विषय बनी हुई हैं। सड़क पर घूम रहे आवारा पशु आये दिन तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर घायल हो रहे हैं और दम तोड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सड़क प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुये इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। जानकारी के अनुसार पिछले एक सप्ताह में सागर-मालथौन मार्ग के अलग-अलग स्थानों पर सड़क दुर्घटनाओं में एक दर्जन से अधिक गौवंशीय पशुओं की मौत और घायल होने की घटनायें सामने आ चुकी हैं। गुरुवार को मालथौन-बांदरी के बीच तीन अलग-अलग स्थानों पर गायें अज्ञात वाहनों की टक्कर से घायल अवस्था में सड़क पर पड़ी मिली। कई जगह सड़कें खून से सनी नजर आई। मालथौन थाना क्षेत्र के समीप गुरुवार शाम अज्ञात वाहन की टक्कर से दो गायें गंभीर रूप से घायल हो गईं। सूचना मिलने पर स्थानीय गौसेवक मौके पर पहुंचे और घायल पशुओं के उपचार की व्यवस्था करने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फोरलेन सड़क निर्माण और संचालन करने वाली कंपनी द्वारा टोल वसूली पर तो ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन सड़क सुरक्षा और बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिये प्रभावी कदम नहीं उठाये जा रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि भारी टोल शुल्क देने के बावजूद सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पूरी नहीं हो पा रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर घूम रहे आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, गौशालाओं की व्यवस्था सुधारने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिये ठोस कदम उठाये जायें। उनका कहना है कि गौवंश संरक्षण के दावे तभी सार्थक होंगे जब योजनायें कागजों से निकलकर धरातल पर दिखाई दें। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में ऐसी दुर्घटनायें और बढ़ सकती हैं।
सागर-मालथौन राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेसहारा गौवंश की मौतों का सिलसिला जारी, जिम्मेदार मौन
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by Suraj Sen
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