नियमों के विपरीत सड़क किनारे पटरी खोदकर डाली जा रही बीएसएनएल की केबल, बारिश में बढ़ा हादसों का खतरा
भापेल-जैसीनगर मार्ग पर गहरी खुदाई से धंसी सड़क की पटरी, पीडब्ल्यूडी ने बीएसएनएल को जारी किया नोटिस
सागर/जैसीनगर। भापेल-जैसीनगर मुख्य मार्ग पर बीएसएनएल की ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का कार्य इन दिनों विवादों में है। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा लोक निर्माण विभाग के तकनीकी मानकों और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुये सड़क की पटरी से सटाकर करीब डेढ़ मीटर गहरी खुदाई की गई। केबल डालने के बाद गड्ढों को केवल मिट्टी से भर दिया गया, जिससे लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क की पटरी धंसने लगी है। इससे सड़क की मजबूती प्रभावित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की पटरी के इतने निकट गहरी खुदाई करना नियमों के विपरीत है। वहीं ठेकेदार के कर्मचारियों का तर्क है कि सड़क के दूसरी ओर पेयजल पाइपलाइन होने के कारण वहां खुदाई संभव नही थी, इसलिये पटरी की ओर से केबल डाली गई। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि लागत और समय बचाने के लिये सुरक्षा मानकों से समझौता किया गया और निर्धारित गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों के अनुसार सूखा तिगड्डा से विद्युत मंडल कार्यालय तक सड़क किनारे कई स्थानों पर पटरी कमजोर होकर धंस चुकी है। बारिश के चलते बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं। ऐसे में यदि किसी ट्रक, बस या अन्य भारी वाहन का पहिया कमजोर पटरी पर चढ़ गया तो वाहन अनियंत्रित होकर पलट सकता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि कल्पधाम कॉलोनी के पास करीब 15 दिन पहले खुदाई की गई थी, लेकिन अब तक उसका समुचित भराव नहीं किया गया। रात के समय क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी भी नहीं रहती, जिससे वाहन चालकों को गड्ढे दिखाई नहीं देते। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार ने न तो सुरक्षा संकेतक लगाये हैं और न ही बैरिकेडिंग की व्यवस्था की है। मामले को गंभीरता से लेते हुये लोक निर्माण विभाग ने बीएसएनएल के उपमहाप्रबंधक को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि भापेल-जैसीनगर डबल लेन मार्ग पर भारी वाहनों का लगातार आवागमन रहता है, ऐसे में सड़क से सटकर लगभग 1.50 मीटर गहरी और एक मीटर चौड़ी खुदाई सड़क की मजबूती के लिये खतरा है। विभाग ने तत्काल गलत तरीके से की जा रही खुदाई बंद करने, खोदे गये हिस्सों को हार्ड मुरुम से भरकर रोलर से अच्छी तरह संपीड़ित करने तथा आगे का कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति और निर्धारित तकनीकी गाइडलाइन के अनुसार ही करने के निर्देश दिये। पीडब्ल्यूडी ने स्पष्ट किया है कि यदि नियमों की अनदेखी कर सड़क को नुकसान पहुंचाया गया तो संबंधित एजेंसी और ठेकेदार के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जायेगी। सड़क को होने वाली किसी भी क्षति की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और ठेकेदार की होगी। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि धंसी हुई सड़क की पटरी की तत्काल पक्की मरम्मत कराई जाये, सड़क की सुरक्षा बनाये रखने के लिये नियमानुसार पिचिंग कराई जाये तथा गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये।
नियमों के विपरीत सड़क किनारे पटरी खोदकर डाली जा रही बीएसएनएल की केबल, बारिश में बढ़ा हादसों का खतरा
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by Suraj Sen
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