होम देश / विदेश मध्यप्रदेश राजनीति धर्म/अध्यात्म ऑटोमोबाइल सरकारी योजना खेल समाचार
By
On:

ग्रामीणों ने रोका, फिर भी पानी में उतारी कार; MP के इस जिले में नाले ने लील ली 9 जिंदगियां

ग्रामीणों ने रोका, फिर भी ...

[post_dates]

Sub Editor

Published on:

whatsapp

ग्रामीणों ने रोका, फिर भी पानी में उतारी कार; MP के इस जिले में नाले ने लील ली 9 जिंदगियां

राजगढ़। पचोर-सारंगपुर रोड पर पड़ाना कस्बे के पास सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। झिरी नाले पर बने निर्माणाधीन पुल के ऊपर से बह रहे पानी में एक ईको वैन बह गई। हादसे में तीन बच्चों और दो महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कार में सवार दो युवकों ने तैरकर अपनी जान बचाई। घटना सुबह करीब साढ़े 9 बजे की बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार ईको वैन में सवार सभी लोग देवास जिले के सतवास क्षेत्र के धांसड़ गांव के रहने वाले थे। वे कड़लावद गांव की ओर जा रहे थे। वाहन मुकेश सिंह के नाम पर पंजीकृत है और हादसे के समय वही कार चला रहा था। हादसे में बचने वाले मुकेश और हुकुम सिंह को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम रोहित बम्होरे और एसडीओपी अरविंद सिंह मौके पर पहुंचे। SDERF की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। क्रेन की सहायता से नाले में बही ईको वैन को बाहर निकाला गया। टीआई राहुल रघुवंशी ने बताया कि वाहन को बाहर निकालने के बाद उसमें कोई व्यक्ति नहीं मिला।
30 फीट का पुल निर्माणाधीन, ऊपर से बह रहा था पानी
पड़ाना के नजदीक झिरी नाले पर करीब 30 फीट लंबा पुल अभी निर्माणाधीन है। लगातार बारिश के कारण नाले का पानी पुल के ऊपर से बह रहा था। इसी दौरान मुकेश ने कार आगे बढ़ा दी। अधूरा पुल दिखाई नहीं देने के कारण ईको वैन पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गई और नाले में बह गई।
हादसे में इन लोगों की मौत
हादसे में जान गंवाने वालों में शंकर सिंह (50), उनकी पत्नी सागरबाई, हुकुम सिंह की पत्नी रीनू (28), उनका 3 वर्षीय बेटा राजवीर, जसप्रीत, विशाल चौहान, उनकी पत्नी पूजा (27), रिशिका और आनंद सिंह शामिल हैं।
ग्रामीणों ने रोका, लेकिन कार आगे बढ़ा दी
घटना के प्रत्यक्षदर्शी महेंद्र परमार ने बताया कि पुल के ऊपर काफी पानी जमा था। उन्होंने कार चालक को रोककर आगे पानी की स्थिति के बारे में बताया था। महेंद्र के मुताबिक, उन्होंने चालक से कहा था कि आगे घुटने तक पानी भरा है, इसलिए वाहन वहां से न ले जाएं। इसके बावजूद कार को आगे बढ़ा दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार सड़क किनारे रेलिंग भी नहीं थी। पानी के बीच आगे बढ़ने के बाद वाहन नाले में जा गिरा।
इलाज के लिए ले जा रहे थे काकी को
हादसे में सुरक्षित बचे मुकेश और हुकुम सिंह को सारंगपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुकेश ने बताया कि वे सतवास के पास स्थित धांसड़ गांव से निकले थे। उनकी काकी को लकवा लगा था और उन्हें इलाज के लिए कनावड़ धाम ले जाया जा रहा था।
मुकेश के मुताबिक, झिरी नाले में बाढ़ की स्थिति थी। ग्रामीणों ने उन्हें आगे जाने से मना किया, जिसके बाद वे करीब 15 मिनट तक रुके रहे। इसी दौरान परिवार के लोगों ने कहा कि यदि आज नहीं पहुंचे तो पर्ची नहीं मिल पाएगी और अगले दिन दोबारा आना पड़ेगा। इसके बाद उनके अंकल और विशाल ने भी गाड़ी आगे ले जाने के लिए कहा। मुकेश ने उनकी बात मानते हुए वाहन पानी में उतार दिया।
PWD ने कहा- डायवर्जन के बोर्ड लगाए गए हैं
लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर पीके शर्मा के मुताबिक, सड़क पर निर्माण कार्य चल रहा है और वाहन चालकों की सुविधा के लिए डायवर्जन संबंधी बोर्ड लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मौके पर रास्ता पानी में डूबा हुआ था और ग्रामीणों ने चालक को रोकने की कोशिश भी की थी। इसके बावजूद वाहन को आगे ले जाने के कारण यह हादसा हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

Join our WhatsApp Group
Sub Editor

मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
प्रमुख खबरें
View All
error: RNVLive Content is protected !!