होम देश / विदेश मध्यप्रदेश राजनीति धर्म/अध्यात्म ऑटोमोबाइल सरकारी योजना खेल समाचार
By
On:

अस्पताल पहुंचने से पहले बस में ही जन्मा बच्चा, महिला यात्रियों ने संभाला मोर्चा; चालक मां-बच्चे को सीधे अस्पताल ले गया

अस्पताल पहुंचने से पहले बस ...

[post_dates]

Sub Editor

Published on:

whatsapp

अस्पताल पहुंचने से पहले बस में ही जन्मा बच्चा, महिला यात्रियों ने संभाला मोर्चा; चालक मां-बच्चे को सीधे अस्पताल ले गया

छतरपुर। अलीपुरा के नजदीक सोमवार शाम एक बस में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सफर कर रही गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला की हालत लगातार बिगड़ती देख यात्रियों को समझ आ गया कि अस्पताल तक पहुंचने का इंतजार करना मुश्किल है। ऐसे में बस में मौजूद महिलाओं ने तुरंत मदद के लिए आगे आते हुए साड़ी की आड़ तैयार की और बस के भीतर ही महिला का प्रसव कराया। कुछ ही देर बाद बस में नवजात के रोने की आवाज गूंजने लगी।
बच्चे के जन्म के बाद बस चालक ने यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की बजाय तत्काल जिला अस्पताल जाने का निर्णय लिया। अस्पताल पहुंचने पर मां और नवजात को भर्ती कराया गया, जिसके बाद यात्रियों और परिवार ने राहत की सांस ली।
पन्ना जिले के सलेहा थाना क्षेत्र के ग्राम करकरिया निवासी रेखा (29) पति देशराज चौधरी अपने परिवार के साथ ग्वालियर में मजदूरी करती हैं। गर्भावस्था के चलते वह परिवार के साथ अपने गांव करकरिया लौट रही थीं। झांसी में बस बदलने के बाद उनका परिवार छतरपुर के लिए रवाना हुआ था।
सोमवार शाम बस जैसे ही अलीपुरा के पास पहुंची, रेखा को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। उनकी स्थिति को देखते हुए बस में मौजूद यात्रियों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क किया। यात्रियों के मुताबिक, कई बार सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच सकी।
महिला की हालत को देखते हुए बस में मौजूद महिलाओं ने देर किए बिना प्रसव कराने में सहयोग किया। उन्होंने साड़ी की मदद से बस के अंदर ही आड़ बनाई और महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। थोड़ी ही देर में महिला ने बच्चे को जन्म दिया और बस में नवजात की किलकारी गूंज उठी।
चालक और कंडक्टर ने मां-बच्चे को दी प्राथमिकता
प्रसव के बाद बस चालक अशोक मिश्रा और कंडक्टर मनोज कुमार तिवारी ने यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय सीधे जिला अस्पताल जाने का फैसला किया। उन्होंने मां और नवजात को तत्काल इलाज उपलब्ध कराना जरूरी समझा और बस को अस्पताल की ओर मोड़ दिया।
अस्पताल पहुंचने से पहले दी गई सूचना
बस के जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्रसूति वार्ड के स्टाफ को इसकी जानकारी दे दी गई थी। सूचना मिलते ही एक नर्स अस्पताल के गेट पर पहुंचीं और बस में चढ़कर महिला तथा नवजात की स्थिति देखी।
अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल परिसर का गेट खुलवाकर बस को अंदर बुलाया। इसके बाद महिला और नवजात को स्ट्रेचर के जरिए प्रसूति वार्ड में ले जाकर भर्ती कराया गया। दोनों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

Join our WhatsApp Group
Sub Editor

मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
प्रमुख खबरें
View All