बंडा-बांदरी मुख्य मार्ग पर बारिश के बीच हुआ हादसा, जर्जर खंभे को लेकर ग्रामीणों और शिक्षक संघ में नाराजगी; समय रहते खंभे नहीं बदले जाने पर उठे सवाल
सागर। बंडा-बांदरी मुख्य मार्ग पर रीछई गांव के पास मंगलवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब सड़क किनारे लगा एक जर्जर बिजली का खंभा अचानक उखड़कर सड़क पर जा गिरा। इसी दौरान वहां से बाइक से गुजर रहे शिक्षक खंभे की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। अचानक खंभा गिरने से मार्ग से गुजर रहे लोगों में भी हड़कंप की स्थिति बन गई।
बारिश के बीच स्कूल जा रहे थे शिक्षक
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के समय क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान शिक्षक बाइक से स्कूल की ओर जा रहे थे। सरकारी स्कूलों में लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था के चलते शिक्षकों को निर्धारित समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए स्कूल पहुंचना था। इसी दौरान रीछई के पास यह जर्जर बिजली का खंभा अचानक सड़क पर गिर गया।
बताया जा रहा है कि खंभा बाइक सवार शिक्षकों के बेहद करीब गिरा। हालांकि, वे इसकी चपेट में आने से बच गए। खंभा यदि सीधे उनके ऊपर गिरता तो गंभीर हादसा हो सकता था।
पहले भी शिकायत की बात, फिर भी नहीं बदले खंभे
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और शिक्षक संघ के लोगों में विद्युत विभाग को लेकर नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई बिजली के खंभे लंबे समय से जर्जर हालत में हैं। इनकी स्थिति को लेकर विभाग को पहले भी जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है, लेकिन समय रहते खंभों को बदलने की कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि जर्जर खंभों की समय रहते मरम्मत या उन्हें बदलने की कार्रवाई की जाती, तो इस तरह की स्थिति पैदा नहीं होती। रीछई में हुए हादसे के बाद अब मुख्य मार्ग पर लगे अन्य कमजोर और पुराने खंभों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
जर्जर खंभों को जल्द बदलने की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से सड़क किनारे लगे सभी जर्जर खंभों का निरीक्षण कराने और खराब खंभों को जल्द बदलने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में कमजोर बिजली के खंभे राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
वहीं, शिक्षक संघ से जुड़े लोगों ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था के दौरान खराब मौसम और रास्तों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि शिक्षकों को समय पर स्कूल पहुंचना जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही रास्तों पर सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।








