होम देश / विदेश मध्यप्रदेश राजनीति धर्म/अध्यात्म ऑटोमोबाइल सरकारी योजना खेल समाचार
By
On:

स्कूल भवन और खेल मैदान की मांग को लेकर छात्रों ने किया हाई-वे जाम, दो घंटे चक्काजाम के बाद प्रशासन ने पहुंचकर हटाया अतिक्रमण 

स्कूल भवन और खेल मैदान ...

[post_dates]

Sub Editor

Published on:

whatsapp

स्कूल भवन और खेल मैदान की मांग को लेकर छात्रों ने किया हाई-वे जाम, दो घंटे चक्काजाम के बाद प्रशासन ने पहुंचकर हटाया अतिक्रमण 

सागर/देवरीकलां। ग्राम पंचायत रसेना के शास. उच्च. माध्य.विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सोमवार को स्कूल भवन निर्माण, खेल मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराने, पेयजल सहित मूलभूत सुविधायें उपलब्ध कराने की मांग को लेकर महाराजपुर-सहजपुर-केसली हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। करीब दो घंटे तक चले जाम के कारण मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। छात्रों का कहना था कि स्कूल की नई बिल्डिंग को स्वीकृति मिले करीब एक वर्ष हो चुका है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। वर्तमान में स्कूल का संचालन कृषि विभाग के भवन में किया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों के लिये पर्याप्त सुविधायें उपलब्ध नहीं हैं। छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि स्कूल के लिये निर्धारित खेल परिसर की भूमि और सरकारी हैंडपंप पर रसेना निवासी दीपेश बैरागी एवं उनके परिवार द्वारा अतिक्रमण किया गया है। छात्रों के अनुसार हैंडपंप पर अतिक्रमण के कारण उन्हें पेयजल के लिये करीब एक किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा था। हालांकि अतिक्रमण संबंधी आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के आधार पर ही होगी। हाईवे जाम की सूचना मिलने के बाद नायब तहसीलदार चंद्रभान दीवान और महाराजपुर थाना प्रभारी अजय भदौरिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक टीम ने स्थल का निरीक्षण कर खेल परिसर एवं सरकारी हैंडपंप की भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की। नायब तहसीलदार चंद्रभान दीवान ने बताया कि खेल परिसर और सरकारी हैंडपंप की भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी मिली थी। मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटवा दिया गया है। स्कूल भवन निर्माण का मामला शिक्षा विभाग से संबंधित है, इसलिये निर्माण कार्य की स्थिति की जानकारी शिक्षा विभाग द्वारा दी जायेगी। विद्यालय के प्राचार्य प्रभात लोधी ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण करने वाले परिवार की ओर से उन्हें धमकी दी जा रही है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा झूठे मामलों में फंसाये जाने की आशंका को देखते हुये उचित कार्यवाही की मांग की है। प्राचार्य द्वारा लगाये गये आरोपों की पुलिस एवं प्रशासन स्तर पर जांच की जाना आवश्यक है। पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने कहा कि उनके द्वारा रसेना स्कूल की नई बिल्डिंग स्वीकृत कराई गई थी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण अब तक निर्माण शुरू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र की लापरवाही का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है और उन्हें अपनी मूलभूत मांगों के लिये सड़क पर उतरना पड़ रहा है। सरकार की जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों को सुरक्षित स्कूल भवन, पेयजल, खेल मैदान सहित सभी आवश्यक सुविधायें उपलब्ध कराई जायें। उन्होंने मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही की मांग की। प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाये जाने के बाद छात्रों का आंदोलन समाप्त हो गया, लेकिन स्कूल भवन निर्माण का मुद्दा अभी भी बना हुआ है। अब विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों को नई स्कूल बिल्डिंग का निर्माण शुरू होने और विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं के स्थायी समाधान का इंतजार है।

Join our WhatsApp Group
Sub Editor

मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
प्रमुख खबरें
View All