80 प्रतिशत से अधिक नुकसान का दावा, प्रभावित गांवों में तत्काल सर्वे की मांग; देरी होने पर आंदोलन की चेतावनी
बीना। क्षेत्र में लगातार हुई बारिश, फसल में फलियां नहीं लगने और इल्ली के प्रकोप से सोयाबीन व उड़द की फसल को हुए नुकसान को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों ने प्रशासन से फसलों का जल्द सर्वे कराकर नुकसान के आधार पर मुआवजा और लंबित फसल बीमा राशि दिलाने की मांग की है।
किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार रतिराम अहिरवार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कांग्रेस सेवादल शहर अध्यक्ष प्रमोद राय ने किसानों का ज्ञापन पढ़कर सुनाया।
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि बीना विधानसभा क्षेत्र में इस बार लगातार बारिश के कारण खेतों में खड़ी सोयाबीन और उड़द की फसल प्रभावित हुई है। कई इलाकों में फसल में फलियां नहीं लगीं, जबकि इल्ली के प्रकोप ने भी उत्पादन को नुकसान पहुंचाया है। किसानों का कहना है कि खेती में मेहनत और लागत लगाने के बाद फसल खराब होने से अब आर्थिक संकट की स्थिति बन गई है। खरीफ की फसल से होने वाली आमदनी पर निर्भर किसानों के लिए अगली फसल की तैयारी करना भी मुश्किल हो रहा है।
इंदर सिंह ठाकुर ने बताया कि एक एकड़ सोयाबीन की फसल तैयार करने में करीब 10 से 12 हजार रुपये तक की लागत आती है। किसानों के अनुसार बारिश, फलियां नहीं लगने और इल्ली के प्रकोप के चलते 80 प्रतिशत से अधिक फसल खराब हो गई है। ऐसी स्थिति में किसानों के लिए फसल की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
किसानों ने प्रशासन से प्रभावित गांवों में तत्काल सर्वे कराने और वास्तविक नुकसान के आधार पर उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर राहत मिलने से वे आर्थिक परेशानी से उबरने के साथ अगली फसल की तैयारी कर सकेंगे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सर्वे शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
चार साल से फसल बीमा नहीं मिलने का आरोप
किसानों ने ज्ञापन में फसल बीमा का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि बीना क्षेत्र के किसानों को पिछले चार वर्षों से फसल बीमा का लाभ नहीं मिला है, जबकि आसपास की तहसीलों में किसानों को बीमा राशि मिलने की बात सामने आ रही है। किसानों ने प्रशासन से बीमा से जुड़े मामलों की जांच कर पात्र किसानों को लंबित राशि दिलाने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ऋतिक ठाकुर धनोरा, इंद्रभावन साहू, छुट्टे अहिरवार, संजू ठाकुर, उदयभान साहू, मोनू ठाकुर, परमोली अहिरवार, कमलेश, ओपी लरोठ सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।








