34 हजार के इनामी आजीवन कारावास के फरार कैदी को महाराष्ट्र से पकड़ा, 2021 से पहचान छिपाकर गुजरात, महाराष्ट्र में बदल रहा था ठिकाने
सागर। गोपालगंज थाना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आजीवन कारावास से दंडित सजायाफ्ता कैदी कपिल यादव को महाराष्ट्र से दस्तयाब कर सफलता हासिल की है। आरोपी वर्ष 2021 से पैरोल से फरार था और पुलिस से बचने के लिये लगातार अपनी पहचान छिपाकर गुजरात एवं महाराष्ट्र में ठिकाने बदल रहा था। आरोपी पर विभिन्न प्रकरणों में कुल 34 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन, एएसपी नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन, सीएसपी ललित कश्यप के पर्यवेक्षण एवं थाना प्रभारी गोपालगंज घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार कपिल यादव पिता प्रकाश यादव 31 वर्ष निवासी ग्वाली मोहल्ला पथरिया जाट थाना सिविल लाइन आजीवन कारावास की सजा से दंडित सजायाफ्ता बंदी है। पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद उसे 29 जनवरी 2021 को जेल वापस लौटना था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा और तभी से फरार था। इस संबंध में थाना गोपालगंज में अपराध क्र. 31/2021 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। आरोपी के विरुद्ध उच्च न्यायालय जबलपुर से गिरफ्तारी, गैर.जमानती वारंट भी जारी था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिये थाना गोपालगंज के प्रकरण में पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन द्वारा 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसके अलावा थाना सानोधा के अपराध क्र. 380/2020 में 2 हजार तथा थाना सुरखी के अपराध क्र. 471/2020 में 2 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस प्रकार आरोपी पर कुल 34 हजार रुपये का इनाम था। फरारी के दौरान आरोपी पुलिस से बचने के लिये लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस टीम ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गुजरात के उपलेटा, जामनगर सहित विभिन्न स्थानों पर उसकी तलाश की। जांच के दौरान आरोपी के जामनगर से मुंबई पहुंचने की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस टीम महाराष्ट्र पहुंची और संभावित ठिकानों पर सघन पतारसी की। लगातार प्रयासों और तकनीकी साक्ष्यों से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने मुंबई के वापाणे पुलिस चौकी क्षेत्र से आरोपी कपिल यादव को दस्तयाब कर लिया। पुलिस अभिरक्षा में लिये जाने के बाद आरोपी ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाते हुये अपना नाम कल्पेश यादव बताया। जब पुलिस ने पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे तो वह अपने बताये नाम के समर्थन में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस की सतर्कता और पूछताछ के बाद उसने अपनी वास्तविक पहचान कपिल यादव पिता प्रकाश यादव निवासी सागर होना स्वीकार किया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पैरोल से बाहर आने के बाद वह लगातार अलग-अलग स्थानों पर रहकर पुलिस से बचता रहा। वह मुंबई में काम की तलाश कर रहा था और पहचान उजागर होने के डर से बार-बार अपना ठिकाना बदलता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी कपिल यादव के विरुद्ध थाना गोपालगंज में वर्ष 2014 में धारा 302, 323, 458, 34 भादंवि के तहत प्रकरण दर्ज है। इसके अलावा थाना गोपालगंज में वर्ष 2021 के प्रकरण में धारा 109, 224, 34, थाना सानोधा में धारा 382, 120बी, 392 तथा थाना सुरखी में धारा 307, 201, 294, 323, 324, 34 भादंवि के तहत प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी की दस्तयाबी में थाना प्रभारी गोपालगंज घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में उप निरीक्षक धरम सिंह मरावी, करण सिंह मरकाम, अंकित तिवारी, अंकित हरदहा की भूमिका रही।
34 हजार के इनामी आजीवन कारावास के फरार कैदी को महाराष्ट्र से पकड़ा, 2021 से पहचान छिपाकर गुजरात, महाराष्ट्र में बदल रहा था ठिकाने
34 हजार के इनामी आजीवन ...
by Suraj Sen
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