मोतीलाल कुशवाहा पर जानलेवा हमला और गोली चलाने के मामले में हुई थी गिरफ्तारी, जिला अदालत पहले खारिज कर चुकी थी जमानत याचिका
जबलपुर। छतरपुर के चर्चित गोलीकांड मामले में आरोपित बागेश्वर धाम के संत पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग उर्फ छोटे सरकार को हाई कोर्ट से राहत मिली है। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने मामले में सुरक्षित रखा गया फैसला सुनाते हुए शालिग्राम को जमानत दे दी। कोर्ट ने 50 हजार रुपये के मुचलके पर उनकी रिहाई के निर्देश दिए हैं।
मोतीलाल कुशवाहा पर हमला और फायरिंग का आरोप
मामले में शालिग्राम गर्ग पर अपने साथियों के साथ मिलकर मोतीलाल कुशवाहा पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, घटना के दौरान पिस्तौल से गोली भी चलाई गई थी। इस मामले में राजनगर थाना पुलिस ने शालिग्राम को 15 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद उनकी ओर से जमानत के लिए जिला अदालत में आवेदन दिया गया था, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। इसके बाद हाई कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई।
बचाव पक्ष ने लगाए रंजिश में फंसाने के आरोप
हाई कोर्ट में शालिग्राम गर्ग की ओर से अधिवक्ता रोहित रघुवंशी और अमित दवे ने पैरवी की। बचाव पक्ष ने मामले में लगाए गए आरोपों को गलत बताया। अधिवक्ताओं ने दलील दी कि पुरानी रंजिश और राजनीतिक दबाव के चलते शालिग्राम को इस प्रकरण में फंसाया गया है।
बचाव पक्ष की ओर से यह भी कहा गया कि शालिग्राम को उनकी पारिवारिक एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से मामले में आरोपित बनाया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
अब कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए शालिग्राम गर्ग को 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत देने का आदेश जारी किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।








