लापता पेट्रोल पंप मैनेजर का कुएं में मिला शव परिजनों ने हत्या की आंशका जताई
मैनेजर की मौत पर उठे सवाल, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में पोस्टमार्टम की मांग,परिजनों ने जताई हत्या की आशंका फॉरेंसिक जांच शुरू, मैनेजर की मौत पर कई सवाल बरकरार ,संदिग्ध परिस्थितियों में मौत,
शव मिलने के बाद निष्पक्ष जांच की मांग, सागर में पोस्टमार्टम पर अड़े परिजन
दमोह। तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम झलोन में संचालित अरहम पेट्रोल पंप के मैनेजर रूपेश जैन (30) का शव रविवार शाम एक कुएं में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। तीन दिन से लापता रूपेश के शव मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मामले को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका व्यक्त की है तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों एवं ग्राम के लोगों ने पेट्रोल पंप संचालक शिवांजय जैन की भूमिका पर भी संदेह जताया है। वहीं प्रशासन और पुलिस मामले की जांच में जुटे हुए हैं। परिजनों एवं ग्राम के लोगों द्वारा शव का पोस्टमार्टम तेंदूखेड़ा में ना करवाकर सागर में करवाने मांग प्रशासन की थी अनुमति मिलने के बाद शव का पोस्टमार्टम सागर में कराया गया है जानकारी के अनुसार झलोन निवासी रूपेश जैन, पिता हुक्मचंद जैन, अरहम पेट्रोल पंप में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। परिजनों के मुताबिक 5 जून की रात करीब 12 बजे वह अचानक घर से लापता हो गए थे। अगले दिन सुबह जब परिजनों को उनके गायब होने की जानकारी लगी तो उन्होंने तेंदूखेड़ा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस और परिजनों द्वारा लगातार उनकी तलाश की जा रही थी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया। रविवार शाम करीब 8 बजे ग्राम झलोन स्थित नन्ने कुएं पर पानी भरने पहुंचे ग्रामीणों ने कुएं में एक शव देखा। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना सरपंच एवं पुलिस को दी। सूचना मिलते ही तेंदूखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। बाद में उसकी पहचान लापता रूपेश जैन के रूप में हुई। पुलिस ने शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तेंदूखेड़ा के शवगृह में रखवाया। सोमवार सुबह सागर से पहुंची फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव का परीक्षण किया। जांच टीम में आर.सी. अहिरवाल, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ सुरेंद्र सिंह तोमर सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मै एसडीएम सी.जी. गोस्वामी, एसडीओपी अर्चना अहीर, थाना प्रभारी रविंद्र बागड़ी, तहसीलदार विवेक व्यास नायब तहसीलदार चंदशेखर शिल्पी तारादेही थाना प्रभारी आलोक तिरपुडे तेजगढ़ थाना अरविंद सिंह ठाकुर सहित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी रही। मृतक के भाई दीपेश जैन ने आरोप लगाया कि उनके भाई ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उसके साथ कोई गंभीर घटना हुई है। उन्होंने कहा कि रूपेश पर कार्यस्थल से संबंधित दबाव बनाया जा रहा था। दीपेश जैन के अनुसार यह जांच का विषय है कि यह हत्या है या किसी दबाव के कारण आत्महत्या, लेकिन परिस्थितियां पूरी तरह संदिग्ध हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं झलोन के सरपंच प्रतिनिधि चक्रेश जैन ने दावा किया कि रूपेश के मोबाइल फोन में एक हस्तलिखित पत्र मिला है, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज हैं। उनका कहना है कि उक्त पत्र पुलिस को सौंप दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रारंभिक स्तर पर पेट्रोल पंप संचालक से पर्याप्त पूछताछ नहीं की गई, जबकि कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो मामले को संदेहास्पद बनाते हैं। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि रूपेश शांत स्वभाव का युवक था तथा उसका किसी प्रकार का व्यक्तिगत विवाद नहीं था। उन्होंने शव की स्थिति को भी संदेहास्पद बताया। ग्रामीणों का कहना है कि जिस कुएं से शव बरामद हुआ, वहां प्रतिदिन लोग पानी भरने जाते थे, लेकिन किसी को शव दिखाई नहीं दिया। उनका दावा है कि शव सामान्य रूप से कई दिनों तक पानी में रहने वाले शव जैसी स्थिति में नहीं था, जिससे उनकी आशंकाएं और गहरी हो गई हैं। मामले को लेकर परिजनों ने तेंदूखेड़ा में पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परीक्षण आवश्यक है। क्योंकि उन्हें तेंदूखेड़ा में शब का परीक्षण कराने में भी संदेह था उनका कहना था जिस पर हम लोग आरोप लगा रहे हैं उसकी पूरे जिले में दबँगता है वह जैसा चाहे वह करवा सकते इसलिए पोस्टमार्टम सागर में करने की मांग पर हम लोग कायम है प्रशासन से अनुमति मिलने के ब बाद में परिजन शव को लेकर सागर रवाना हो गए, जहां मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों एवं तेंदूखेड़ा के डॉक्टर कुल मिलाकर 7 डॉक्टर द्वारा द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया। वहीं पेट्रोल पंप संचालक शिवांजय जैन की ओर से उनके कर्मचारी ने बताया कि संचालक पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार मोबाइल में मिले पत्र में किसी प्रकार की प्रताड़ना का उल्लेख नहीं है तथा लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा
इधर झलौन पेट्रोल पंप के संचालक शिवांजय जैन ने कहा कि पुलिस को जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है और उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोपों को निराधार बताया है
इनका कहना–
तेंदूखेड़ा सीबीएमओ डॉक्टर अशोक बरौनियां ने बताया कि सागर के 6 स्पेस्टिस डॉक्टरों की पैनल ने शव का पोटमार्टम किया है और 7 वे डॉक्टर के रूप मै खुद था
इनका कहना
तेंदूखेड़ा एसडीओपी अर्चना अहीर ने बताया कि परिजनों की मांग जिला प्रशासन तक पहुंचा दी गई थी जिले की वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद शव का सागर में पोस्टमार्टम कराया गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।








