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सागर में ई-स्कूटी खरीदी, बॉक्स में निकला गलत चार्जर, उपभोक्ता आयोग ने कंपनी पर ठोका 7 हजार का हर्जाना

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सागर में ई-स्कूटी खरीदी, बॉक्स में निकला गलत चार्जर, उपभोक्ता आयोग ने कंपनी पर ठोका 7 हजार का हर्जाना

सागर। इलेक्ट्रिक स्कूटी के साथ निर्धारित क्षमता से कम क्षमता वाला चार्जर दिए जाने और शिकायत के बावजूद उसे नहीं बदलने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने कंपनी और डीलर को जिम्मेदार माना है। आयोग ने आदेश दिया है कि परिवादी को एक महीने के भीतर 950 वॉट का ओरिजनल चार्जर उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही सेवा में कमी और मानसिक क्षति के लिए 5 हजार रुपये तथा परिवाद व्यय के रूप में 2 हजार रुपये भी देने होंगे।
यह मामला सागर निवासी दुर्गेश पिता मुकेश जड़िया से संबंधित है। उन्होंने टीवीएस मोटर कंपनी लिमिटेड के मुख्य प्रबंधक कार्यालय चेन्नई और बड़कुल मोटर्स, तुलसीनगर वार्ड, भोपाल रोड सागर के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
परिवादी के मुताबिक उन्होंने 16 जनवरी 2025 को टीवीएस कंपनी की इलेक्ट्रिक स्कूटर 1 लाख 97 हजार 519 रुपये में खरीदी थी। बीमा, आरटीओ, एसेसरीज और अन्य खर्च शामिल करने के बाद वाहन की कुल कीमत 2 लाख 19 हजार 300 रुपये हो गई थी। स्कूटर पर कंपनी की ओर से 5 साल की वारंटी-गारंटी भी दी गई थी।
स्कूटर घर लाने के बाद जब दुर्गेश ने उसकी बैटरी चार्ज की तो पूरी रात चार्जिंग पर लगाए रखने के बावजूद बैटरी पूरी तरह चार्ज नहीं हो सकी। इस समस्या को लेकर उन्होंने डीलर से संपर्क किया। डीलर ने वाहन और बैटरी की जांच के बाद बताया कि स्कूटर के लिए 950 वॉट का चार्जर जरूरी है।
जांच के दौरान सामने आया कि कंपनी की ओर से 950 वॉट के बॉक्स में गलती से 650 वॉट का चार्जर रखकर दे दिया गया था। डीलर ने परिवादी को बताया कि कंपनी को ई-मेल के जरिए इसकी जानकारी भेज दी गई है और 950 वॉट का ओरिजनल चार्जर आने के बाद उन्हें दे दिया जाएगा।
इसके बाद दुर्गेश कई बार डीलर के पास चार्जर लेने पहुंचे, लेकिन उन्हें नया चार्जर उपलब्ध नहीं कराया गया। लगातार परेशानी के बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में परिवाद दायर किया।
मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष राजेश कुमार कोष्टा और सदस्य अनुभा वर्मा ने की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने कंपनी और डीलर को निर्देश दिया कि आदेश की तारीख से एक महीने के भीतर परिवादी को 950 वॉट का ओरिजनल चार्जर उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा सेवा में कमी और मानसिक क्षति के लिए 5 हजार रुपये तथा परिवाद व्यय के रूप में 2 हजार रुपये भी इसी अवधि में अदा करने के निर्देश दिए गए हैं।

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मैं सूरज सेन पिछले 6 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं और मैने अलग अलग न्यूज चैनल,ओर न्यूज पोर्टल में काम किया है। खबरों को सही और सरल शब्दों में आपसे साझा करना मेरी विशेषता है।
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