देवरी में अवैध कॉलोनी का मामला गरमाया, ट्रांसफार्मर और पोल लगाने पर जांच के आदेश
सागर/देवरीकलां। देवरी विकासखंड की ग्राम पंचायत झुनकू में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पीछे एवं पोस्टमार्टम हाउस के सामने विकसित की गई एक कथित अवैध कॉलोनी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्राम पंचायत के सचिव और सरपंच प्रतिनिधि का दावा है कि पंचायत ने इस कॉलोनी के लिये न तो कोई अनुमति दी है और न ही कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र एनओसी जारी किया है। इसके बावजूद कॉलोनी में बिजली विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर, विद्युत पोल और केबल बिछाये जाने से स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार कॉलोनी के मुख्य प्रवेश द्वार के दोनों ओर ट्रांसफार्मर लगाये गये हैं तथा पूरी कॉलोनी में बिजली के खंभे और केबल स्थापित किये जा चुके हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जिस कॉलोनी की वैधानिक स्थिति स्पष्ट नहीं है, वहां विद्युत अधोसंरचना किस प्रक्रिया के तहत विकसित की गई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि ग्राम पंचायत की अनुमति, नगर एवं ग्राम निवेश विभाग की स्वीकृति अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, तो बिजली विभाग ने किन आधारों पर विद्युत सुविधा उपलब्ध कराई। उनका कहना है कि इस संबंध में यह स्पष्ट होना चाहिये कि क्या संबंधित अधिकारियों ने दस्तावेजों का सत्यापन किया था अथवा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया था। मामले में यह भी मांग उठ रही है कि यह स्पष्ट किया जाये कि ट्रांसफार्मर, विद्युत पोल एवं केबल लगाने की स्वीकृति किस अधिकारी द्वारा दी गई तथा क्या इसके लिये संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किये गये थे। यदि निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ है तो इसकी जवाबदेही भी तय की जानी चाहिये। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब किसी कॉलोनी में बिजली, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधायें उपलब्ध हो जाती हैं तो आम लोग उसे वैध मानकर प्लॉट खरीद लेते हैं। यदि बाद में ऐसी कॉलोनी को अवैध घोषित किया जाता है, तो सबसे अधिक आर्थिक नुकसान आम नागरिकों और भू.खरीदारों को उठाना पड़ता है। क्षेत्र के लोगों का यह भी कहना है कि देवरी क्षेत्र में पूर्व में भी कई कथित अवैध कॉलोनियों को लेकर प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किये गये, लेकिन आगे की कार्यवाही सीमित ही रही। उनका आरोप है कि प्रभावी कार्यवाही के अभाव में ऐसे मामलों पर रोक नहीं लग पा रही है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो कॉलोनाइजरों और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने की मांग की है।
इनका कहना है-
मेरे संज्ञान में अवैध कॉलोनी का मामला है। मैंने संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है। जांच के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।
-मुनव्वर खान, एसडीएम, देवरी
मेरे द्वारा इस कॉलोनी के लिये कोई अनुमति नहीं दी गई है। कॉलोनी संचालित करने वाले किसी भी व्यक्ति ने मुझसे संपर्क नहीं किया। ग्राम पंचायत ने आज तक कोई एनओसी जारी नहीं की है। मुझे तो इस कॉलोनी का नाम तक ज्ञात नहीं है।
-लक्ष्मण लोधी, सचिव ग्राम पंचायत
मेरी ग्राम पंचायत में विकसित की गई इस कॉलोनी के संबंध में पंचायत को कोई जानकारी नहीं है और न ही पंचायत द्वारा कोई स्वीकृति दी गई है। यदि बिना अनुमति कॉलोनी विकसित की गई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्यवाही की जानी चाहिये।
-अंकित पटेल, सरपंच प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत झुनकू








