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नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो युवकों से ठगी, 33 हजार रुपये लेकर रख लीं मूल अंकसूचियां

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नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो युवकों से ठगी, 33 हजार रुपये लेकर रख लीं मूल अंकसूचियां

बीना में बेरोजगार युवकों को बनाया निशाना, शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच

सागर/बीना। नौकरी की तलाश कर रहे युवकों को बेहतर रोजगार का सपना दिखाकर ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक निजी सुरक्षा कंपनी से जुड़े सुपरवाइजर ने दो युवकों को अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे 33 हजार रुपये ले लिए। इतना ही नहीं, बाद में कागजी प्रक्रिया का हवाला देकर उनकी शैक्षणिक योग्यता संबंधी मूल अंकसूचियां भी अपने पास जमा करा लीं। परेशान होकर दोनों युवकों ने मंगलवार शाम बीना थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत करने वालों में बीना के चंद्रशेखर वार्ड निवासी संदीप कटारे, पिता सुखनंदन कटारे, तथा पुरा पन्धो निवासी अवध यादव, पिता नारायण यादव शामिल हैं। दोनों युवकों ने पुलिस को बताया कि वे वर्तमान में हनोता बांध निर्माण कंपनी में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्य कर किसी तरह अपना जीवन-यापन कर रहे हैं।

पीड़ितों के अनुसार, कुछ समय पहले बेलई तिराहे पर उनकी मुलाकात कीरत तिवारी नामक व्यक्ति से हुई, जिसने स्वयं को एक निजी सुरक्षा कंपनी का सुपरवाइजर बताया। कीरत तिवारी ने दावा किया कि एसआईएस सुरक्षा कंपनी का टेंडर अब उसकी कंपनी को मिल चुका है और वह दोनों को वहां बेहतर पद पर नौकरी दिलवा सकता है।

युवकों का आरोप है कि नौकरी लगवाने के नाम पर कीरत तिवारी ने उनसे 20-20 हजार रुपये की मांग की। बेहतर रोजगार की उम्मीद में संदीप कटारे ने उसे 20 हजार रुपये दिए, जबकि अवध यादव ने 13 हजार रुपये सौंप दिए। इस तरह आरोपी ने दोनों से कुल 33 हजार रुपये प्राप्त कर लिए।

पीड़ितों का कहना है कि रकम लेने के बाद उन्हें नौकरी नहीं दिलाई गई। आरोप है कि उनकी जगह अन्य लोगों को काम पर रख लिया गया। इसके बाद भी उन्हें लगातार भरोसा दिलाया जाता रहा कि प्रक्रिया जारी है और जल्द ही नियुक्ति हो जाएगी।

युवकों ने बताया कि बाद में उन्हें दस्तावेजी औपचारिकताओं का हवाला देकर भोपाल बुलाया गया, जहां उनकी शैक्षणिक योग्यता से संबंधित मूल अंकसूचियां जमा कर ली गईं। काफी समय बीत जाने के बावजूद जब न तो नौकरी मिली और न ही कोई स्पष्ट जानकारी दी गई, तब उन्होंने अपने पैसे और दस्तावेज वापस मांगे।

आरोप है कि बार-बार मांग करने के बावजूद आरोपी ने न तो राशि लौटाई और न ही उनकी मूल अंकसूचियां वापस कीं। इसके उलट उन्हें लगातार टालमटोल और परेशान किया जाता रहा। आखिरकार दोनों युवकों ने पुलिस की शरण लेते हुए कार्रवाई की मांग की।

बीना थाना प्रभारी अनूप यादव ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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