बढ़ते तापमान पर चिंता: पर्यावरण बचाने के लिए अधिकारियों, समाजसेवियों और युवाओं ने किया आह्वान
रिपोर्ट – विशाल रजक
तेंदूखेड़ा। मनुष्य और पर्यावरण के बीच गहरा संबंध है पर्यावरण के बिना हमारा जीवन संभव नहीं है आज 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस हैं हम सभी मिलकर धरा को हरा-भरा बनाने का प्रण ले हालांकि जागरूकता के लिए जिलेभर में आज सामाजिक पर्यावरण संरक्षण संस्थाओं विविध प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे नगर में पदस्थ अधिकारियों एवं वरिष्ठ समाजसेवी व युवाओं का कहना है पृथ्वी पर दिन प्रतिदिन पर्यावरण बदलता जा रहा है इसका मुख्य कारण पर्यावरण में मानवीय हस्तक्षेप है जिससे प्रदूषण फैल रहा है जहरीली खेती प्लास्टिक का इस्तेमाल पेड़ को लगातार काटने से पर्यावरणीय तंत्र बिगड़ रहा है यदि ग्लोबल वार्मिंग जैसे हानिकारक प्रभाव से बचना है तो पर्यावरण का संरक्षण जरूरी है जिसके लिए हमें पौधारोपण के साथ जल-संरक्षण की दिशा में अभी से काम करना होगा
जानकी साहू कहती हैं कि जल जंगल और जमीन, इन तीन तत्वों के बिना प्रकृति अधूरी है विश्व में सबसे समृद्ध देश वही हुए हैं, जहां यह तीनों तत्व प्रचुर मात्रा में हों हमारा देश जंगल, वन्य जीवों के लिए प्रसिद्ध है सम्पूर्ण विश्व में बड़े ही विचित्र तथा आकर्षक वन्य जीव पाए जाते हैं। हमारे देश में भी वन्य जीवों की विभिन्न और विचित्र प्रजातियां पाई जाती हैं इन सभी वन्य जीवों के विषय में ज्ञान प्राप्त करना केवल कौतूहल की दृष्टि से ही आवश्यक नहीं है

जानकी साहू तेजगढ़ तेंदूखेड़ा
वन परिक्षेत्र अधिकारी श्रेयांस जैन कहते हैं कि समय-समय पर रोपणियों में तैयार पौधों का रोपण मानसून के समय कराया जाता है हमारी प्राथमिकता पौधरोपण तक ही नहीं है बल्कि उनके पेड़ बनने तक हम प्रयास करते हैं। जिले में पौधरोपण की स्थिति काफी अच्छी है इस मानसून में लाखों की संख्या में क्षेत्र में पौधारोपण किया जाएगा जिसमें लोग भी हिस्सा ले सकते हैं सुरक्षित पर्यावरण के लिए लोगों को आगे आकर एक पौधा जरूर लगाना चाहिए

श्रेयांस जैन वन परिक्षेत्र अधिकारी तेंदूखेड़ा
सेवानिवृत्त एसडीओ बीएल साहू कहते हैं कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हर एक व्यक्ति को जागरूक होना होगा। प्राकृतिक जल स्रोतों से लेकर वनों की सुरक्षा सभी का दायित्व होना चाहिए। नागरिक नदियों पर जाएं तो वहां गंदगी न फैलाएं और अपने जीवन में कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और उस पौधे के वृक्ष बनने तक उसकी देखरेख करें। नदियों के संरक्षण के लिए भी पौधरोपण बेहद जरूरी है, क्योंकि वृक्ष नदियों का कटाव रोकने में मददगार होते हैं

बीएल साहू सेवानिवृत्त एसडीओ तेंदूखेड़ा
पंडित विनीत मिश्रा कहते हैं कि पॉलिथीन का इस्तेमाल हमारे वातावरण के लिए काफी हानिकारक है फिर भी दैनिक जीवन में न जाने कितने प्रकार से इसका हम उपयोग कर रहे हैं। आज सब्जी- भाजी, दूध, चाय से लेकर कोई भी बाजार से खरीदकर लाते तो पॉलिथीन बैग का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। यदि हमें अपनी पृथ्वी को सुरक्षित और संरक्षित रखना है तो स्वयं के स्तर पर पॉलिथीन का उपयोग बंद करना पड़ेगा और जब भी बाजार से सामान खरीदने जाएं

विनीत मिश्रा अधिवक्ता तेंदूखेड़ा
आकाश साहू कहते हैं कि पौधों की महत्वता से इंकार नहीं किया जा सकता है हमारे जिले में बड़ी संख्या में जंगल और वृक्ष हैं विभिन्न समाजसेवियों और संगठनों के द्वारा भी लगातार पौधरोपण किया जाता है। जिसका परिणाम है कि जिले का पर्यावरण दूसरे जिलों की अपेक्षा काफी अच्छा है

आकाश साहू तेंदूखेड़ा
गौशाला अध्यक्ष संजय जैन ने बताया कि रैनी सीजन में अधिक से अधिक पौधे लगाए और उनके बड़े होने तक देखभाल करें। वृक्ष से हमें कई फायदे हैं। जीवन के जरूरी ऑक्सीजन मिलती है। मिट्टी के कटाव को रोकता है और उसकी जड़े मिट्टी को बांधे रखती है। भूजल के स्तर को बढ़ाता है तापमान को नियंत्रित करता है। विभिन्न रोगों के लिए तने पत्तियों से दवाइयां बनती है। वन्य जीवों और पक्षियों का घर यानी आश्रय स्थल पेड़ रहे हैं

संजय जैन अध्यक्ष गौशाला तेंदूखेड़ा
समाजसेवी रामेश्वर साहू कहते हैं कि पौधारोपण काफी जरूरी है ताकि क्षेत्र की आबोहवा अच्छी बनी रहे। जिले में पर्यावरण को लेकर काफी जागरूकता है हर साल बड़ी संख्या में पौधरोपण होता है पौधों को लगाने से लेकर बड़े होने तक ध्यान दिया जाता है इस और युवाओं को आगे आकर कम से कम एक पौधा अपनी मां के नाम या फिर अपने जन्मदिन पर लगाना चाहिए और पूरी जिंदगी उसकी देखभाल करनी चाहिए
रामेश्वर साहू सैलवाड़ा तेंदूखेड़ा








