दिवंगत अधिवक्ताओं के परिवारों को 12.60 लाख की सहायता, चिकित्सा मद में 3.71 लाख और कर्मचारियों के वेतन पर 11.94 लाख रुपये खर्च
सागर। जिला अधिवक्ता संघ सागर ने 19 अगस्त 2026 को आयोजित प्रेस वार्ता में वर्ष 2024-2026 के दौरान संघ की आय और व्यय का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। संघ अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह राजपूत की अध्यक्षता में हुई बैठक में सचिव कुंवर वीरेन्द्र सिंह राजपूत ने वित्तीय स्थिति के साथ-साथ अधिवक्ताओं के हित में किए गए कार्यों और खर्चों की जानकारी साझा की।
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, वर्ष 2024-26 के दौरान संघ की संचित निधि में करीब 35 लाख रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद यह निधि बढ़कर लगभग 1 करोड़ 18 लाख रुपये तक पहुंच गई है। पदाधिकारियों ने बताया कि पहले वित्तीय व्यवस्था में जो अनियमितताएं थीं, उनमें सुधार किया गया है और अब आर्थिक प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
संघ ने अपनी निधि को सुरक्षित रखने के लिए एफडी का सहारा लिया है। इसके साथ ही अधिवक्ताओं को कानूनी अध्ययन और नई विधिक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुस्तकालय को भी अपडेट किया गया। वर्ष 2020 से 2025 तक प्रकाशित विभिन्न जर्नल खरीदे गए, ताकि अधिवक्ताओं को कानून से जुड़ी अद्यतन सामग्री उपलब्ध हो सके।
बजट में अधिवक्ताओं और उनके परिवारों से जुड़े विभिन्न खर्चों का भी उल्लेख किया गया। दिवंगत अधिवक्ताओं के परिजनों को आर्थिक सहायता के तौर पर 12 लाख 60 हजार रुपये दिए गए। वहीं अधिवक्ताओं को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में 3 लाख 71 हजार रुपये खर्च किए गए। संघ के कर्मचारियों के वेतन पर 11 लाख 94 हजार 610 रुपये का व्यय हुआ।
इसी तरह अधिवक्ता दिवस, महिला दिवस सहित संघ की ओर से आयोजित अलग-अलग कार्यक्रमों पर 5 लाख 27 हजार 500 रुपये खर्च किए गए। पदाधिकारियों के अनुसार इन कार्यक्रमों के जरिए अधिवक्ताओं के बीच बेहतर समन्वय, सामाजिक गतिविधियों और संगठनात्मक सहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
बैठक के दौरान संघ के कार्यकाल के बजट का आय-व्यय विवरण सदस्यों के सामने रखा गया। पदाधिकारियों ने कहा कि संघ के पास उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल अधिवक्ताओं के कल्याण, उनके हितों और जरूरी सुविधाओं के विकास को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।
प्रेस वार्ता में जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव अधिकारी के.पी. दुबे भी मौजूद रहे। उन्होंने आगामी चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं को जरूरी जानकारी दी और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित नियमों एवं निर्धारित कार्यक्रम के बारे में दिशा-निर्देश साझा किए।
संघ पदाधिकारियों के अनुसार मौजूदा कार्यकाल में वित्तीय व्यवस्था को बेहतर करना, संचित निधि बढ़ाना, पुस्तकालय को आधुनिक और उपयोगी बनाना, जरूरतमंद अधिवक्ताओं को सहायता देना, दिवंगत अधिवक्ताओं के परिवारों की मदद करना तथा चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना प्रमुख प्राथमिकताओं में रहा। बजट प्रस्तुत कर संघ ने अपने कार्यकाल की वित्तीय स्थिति और अधिवक्ताओं के हित में किए गए खर्चों का विवरण सदस्यों के सामने रखा।








